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उद्यमियों ने कहा- मजदूरी दर में अचानक बड़ी वृद्धि से बंद हो सकते हैं श्रम प्रधान छोटे उद्योग
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कम मजदूरी दर को लेकर नोएडा और फरीदाबाद में हो रहे श्रमिकों के संघर्ष से गुरुग्राम और मानेसर के उद्योग काफी प्रभावित हो रहे हैं। पिछले चार दिन से कई उद्योगों में काम बंद है। गुरुग्राम के बहुत सारे उद्योगों की इकाइयां नोएडा में हैं और कई कच्चे माल व अन्य काम के लिए दूसरी इकाइयों पर निर्भर है। गुरुग्राम के उद्यमियों का कहना है कि सरकार को मजदूरी दर में क्रमिक वृद्धि करनी थी। हरियाणा में एकदम से वृद्धि करने से अन्य राज्यों के श्रमिकों में भी आक्रोश उत्पन्न होगा। पूरा नॉर्थ जुड़ा हुआ है। दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग मजदूरी नहीं दे सकते। साथ ही मजदूरी दर के साथ अन्य उत्पादन लागत में भी वृद्धि होगी। अमेरिकी टैरिफ और पश्चिम एशिया युद्ध के कारण उद्योग वैसे भी कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बहुत सारे छोटे उद्योग बंद हो सकते हैं। लागत वृद्धि के कारण उद्यमी श्रमिकों की संख्या कम करने पर विवश होंगे। इसका असर पूरे उत्तर प्रदेश और राजस्थान पर होगा।
मानेसर के बाद नोएडा और फरीदाबाद में आंदोलन से गुरुग्राम के उद्यमियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। हमारा काम शनिवार से बंद है। कच्चा माल आ नहीं पा रहा है। वहीं, जिन उद्योगों की इकाइयां नोएडा और फरीदाबाद में है, उन पर मजदूरी दर 35 प्रतिशत बढ़ाने का दबाव है। – सुमित राव, अध्यक्ष जीआईए
श्रमिकों के असंतोष के कारण निर्यातकों को काफी मुश्किलें आ रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर राज्य और केंद्र सरकार दोनों ही अबतक प्रभावी हस्तक्षेप करने में विफल रहा है। सरकार को श्रमिकों की सहायता और निर्यातकों के लिए राहत पैकेज, कर छूट और लॉजिस्टिक सहायता जैसे उपाय किए जाने चाहिए। – कपिल साध, परिधान निर्यातक
नोएडा के निर्यातकों से हमारा काम आता है। अब वहां काम बंद है तो हमारे पास काम नहीं है। श्रमिकों के 35 प्रतिशत मजदूरी दर बढ़ने से हमारे लिए यह 40 प्रतिशत का बोझ हो गया है। केवल वेतन वृद्धि ही नहीं इनपुट की लागत बढ़ी है। सरकार को इस तरह अचानक मजदूरी दर नहीं बढ़ानी चाहिए थी। – कैप्टन कविता अहलावत, परिधान उद्यमी
हरियाणा में मजदूरी दर बढ़ने से उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी इसका असर तो होगा। श्रम प्रधान छोटे-छोटे उद्योग बंद हाेंगे। पूरा नॉर्थ जोन एक दूसरे से जुड़ा है। आप एकजगह वृद्धि कर दूसरी जगह आक्रोश को नहीं रोक सकते। यहां आंदोलन रुका तो उधर शुरू हो गया। – अशोक कोहली, अध्यक्ष, उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज
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Gurugram News: फरीदाबाद, नोएडा के श्रमिकों के आक्रोश से गुरुग्राम के उद्योग प्रभावित



