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कंपनी मैनेजर को मारकर दंगा भड़काने की थी साजिश, आरोपियों ने पूछताछ में किया खुलासा
दंगा भड़काने की साजिश वाली व्हाट्सएप चैट वायरल
अमर उजाला ब्यूराे
गुुरुग्राम। आईएमटी मानेसर में 9 अप्रैल को हुए हिंसक बवाल में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में सुनियोजित तरीके से दंगा भड़काने की बात कबूली है। आरोपियों ने खुलासा किया कि योजना के अनुसार एक कंपनी के मैनेजर को मारने की साजिश थी, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में दंगा भड़क सके। आरोपियों के मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप में संदिग्ध चैट भी मिली है। इसमें आईएमटी मानेसर में हिंसक बवाल संबंधी मैसेज किए गए थे। अपराध शाखा मानेसर की पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
अपराध शाखा मानेसर की पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से बरामद मोबाइल को कब्जे में लिया है। एक आरोपी ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा है कि मैनेजर रामबीर को मारना है। दूसरे आरोपी ने लिखा कि आगे पुलिस वाले हैं, पीछे से आओ और आग लगा दो। शराब ठेके से बीयर लेकर आना व रात में पेट्रोल बम डालकर कंपनी में आग लगा देना। एक मैसेज में लिखा है कि रात तक इंतजार करो और फिर आग लगा दो। देखते हैं पुलिस क्या करेगी। इसके अलावा व्हाट्सएप ग्रुप में वॉइस मैसेज भी भेजे गए हैं। व्हाट्सएप ग्रुप में अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को जोड़ा हुआ है।
दंगा भड़काने की साजिश वाली व्हाट्सएप चैट सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है, हालांकि अभी इसकी प्रमाणिकता की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस भी अभी कुछ स्पष्ट कहने से बच रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जांच जारी है जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी गुरुग्राम की किसी भी कंपनी में नौकरी नहीं कर रहें। आरोपियों ने हड़ताल कर रहे मजदूरों को कंपनी में आग लगाने, तोड़फोड़ करने व पुलिस पर पथराव करने के लिए उकसाया व भड़काया था। पुलिस इस मामले में अभी तक कुल 61 लोगों को गिरफ्तार की चुकी है, जिसमें करीब 15 महिलाएं शामिल हैं।
17 आरोपियों से पूछताछ कर रही अपराध शाखा
अपराध शाखा मानेसर की पुलिस कुल 17 आरोपियों से आईएमटी मानेसर में हिंसक बवाल को लेकर पूछताछ कर चुकी है। इनमें छह मुख्य आरोपियों आकाश, हरीश चंद, पिन्टू कुमार यादव, राजू सिंह, श्यामबीर व अजीत सिंह के अलावा अन्य 11 आरोपियों से पूछताछ की गई है। आरोपी इंकलाब मजदूर संगठन से जुड़े हुए हैं, जोकि पंजीकृत ग्रुप या संगठन नहीं है।
नोएडा व फरीदाबाद में हुई हिंसक घटनाओं में लिंक की जांच
नोएडा व फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में हुई हिंसक घटनाओं से आईएमटी मानेसर के बवाल का अभी कोई लिंक सामने नहीं आया है। हालांकि, गुरुग्राम पुलिस इस ओर भी जांच कर रही है कि गुरुग्राम से गिरफ्तार किसी व्यक्ति का वहां के मजदूर संगठन या यूनियन से कोई संपर्क है या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों इस संदर्भ में भी जानकारी ली जा रही है।
आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उसके आधार पर आगामी कार्रवाई व जांच की जा रही है। व्हाट्सएप व अन्य सोशल मीडिया पर आईएमटी मानेसर में बवाल संबंधी ग्रुप व उससे जुड़े लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं,जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा और अन्य आरोपियों को भी पकड़ा जाएगा। मनोज, प्रभारी पीएसआई, अपराध शाखा मानेसर
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Gurugram News: मैनेजर को मारना है… आगे पुलिस है पीछे से आओ


