Ambala News: पानी की बौछारों से नहीं डिगे बुजुर्ग किसान, घग्गर में गिरी पगड़ियां Latest Haryana News

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शंभू बॉर्डर पर टकराव के दौरान पानी की बौछारों से घग्गर में गिरी किसानों की पगड़ी को उठाता हुआ य

अंबाला। किसानों की ओर से पैदल दिल्ली कूच के हर ऐलान के बाद पुलिस की रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार को तीसरी बार कूच करने वाले किसानों के जत्थे को रोकने के लिए पुलिस ने अपने सुरक्षा कवच यानी शेड को और मजबूत किया।

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शेड के ऊपर भी मजबूत जालियां लगा दी गईं। हाथों में झंडे लेकर किसानों ने रस्सी की कुंडी से जाली उखाड़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने नई रणनीति के तहत काम किया। खदेड़ने के लिए बुजुर्ग किसानों पर पानी की तेज बौछारें मारी। हालांकि बुजुर्ग किसानों ने पुल की रेलिंग को पकड़कर पैरों को डिगने नहीं दिया। इस बीच कुछ किसानों की पगड़ियां भी उतरकर घग्गर में गिर गई थी। साथ के साथ पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।

शोर मचाकर 10 फीट तक रखा दूर

पुलिस ने अबकी बार किसानों को जाली उखाड़ने के पहले प्रयास के बाद से ही 10 फीट तक दूर रखा। पानी की बौछारों और आंसू गैस के गोलों से किसी किसान को पास नहीं आने दिया। हालांकि कई बार प्रयास करने के बाद किसान पीछे हटते रहे। इसके अलावा पुलिस जैसे ही कोई किसान जाली में कुंडी डालने या फिर जाली के पास आने का प्रयास करता था तो उन्होंने शोर मचाना शुरू कर देते थे। फिर तुरंत हमला करते थे।

एक्सपायर गोले चलाने का आरोप, पुलिस ने नकारा

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया है कि एक साल से ऊपर एक्सपायर वाले आंसू गैस के गोले दागे गए है। अगर कोई कमीशन बैठकर इसकी कोई जांच करेगा तो यह सरकार के रिकॉर्ड में नहीं पाए जाएंगे। साथ ही रबड़ की गोलियां चलाने के भी आरोप लगाए है जो पानी के साथ बह गई। वहीं, किसान नेताओं ने पानी की बौछारों के दौरान ऐसे किसानों की भी पगड़ी उतारकर गिरने के आरोप लगाए है जिन्होंने अमृत धारण किया था। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को नकारा है।

एसपी ने भी किसानों को मीटिंग के लिए कहा

तीसरे बार दिल्ली कूच के लिए आगे बढ़े जत्थे को समझाने के लिए खुद अंबाला पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भोरिया और डीसी अंबाला पार्थ गुप्ता भी आगे आए। उन्होंने किसानों को कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना आपका अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट ने जो कमेटी बनाई है, अगर आप चाहते हैं तो उनके साथ कल ही मीटिंग करा देते हैं। एक बार मौका दो लेकिन किसान पैदल दिल्ली जाने की मांग पर अड़े रहे। डीसी पार्थ गुप्ता ने कहा कि आपको न्यायपालिका पर भरोसा करना पड़ेगा। यह कमेटी उनके द्वारा ही बनाई गई है। इसी बीच कुंडी डालकर जाली खींचने के प्रयास पर पुलिस ने पानी की बौछार भी की।

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