‘महिला आरक्षण के विरोध का सवाल ही नहीं उठता’, PM मोदी के संबोधन पर ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन Politics & News

[ad_1]

महिला आरक्षण से जुड़ा बिल संसद में फेल होने पर बीते रोज पीएम मोदी ने कांग्रेस, टीएमसी समेत कई दलों पर जमकर निशाना साधा. इस पर विपक्षी दलों ने भी पलटवार किया है. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने ईमानदारी से इस मुद्दे को सुलझाने के बजाय देश को गुमराह करना चुना.

टीएमसी में कितनी महिला नेता?

ममता बनर्जी ने कहा कि मैं ये स्पष्ट करना चाहती हूं कि तृणमूल कांग्रेस हमेशा से महिलाओं के लिए उच्च राजनीतिक प्रतिनिधित्व की समर्थक रही है. संसद और राज्य विधानसभा दोनों में ही हमारी निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों का अनुपात सबसे अधिक है. लोकसभा में हमारे 37.9% निर्वाचित सदस्य महिलाएं हैं. राज्यसभा में हमने 46% महिला सदस्यों को मनोनीत किया है. महिला आरक्षण का विरोध करने का सवाल ही नहीं उठता और न कभी उठा है.

परिसीमन प्रक्रिया को लेकर साधा निशाना

उन्होंने आगे कहा कि हम जिस बात का पुरजोर विरोध कर रहे हैं, वह है परिसीमन प्रक्रिया. मोदी सरकार अपने निहित स्वार्थों को पूरा करने के लिए महिलाओं को ढाल बनाकर आगे बढ़ाने की साजिश रच रही थी. हम बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान में बदलाव, देश का विभाजन और राजनीतिक सीमाओं में हेरफेर करके बीजेपी शासित राज्यों को अन्य राज्यों की कीमत पर अधिक प्रतिनिधित्व देकर सत्ता हथियाने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं. यह संघीय लोकतंत्र पर हमला है और हम इसे चुपचाप नहीं देखेंगे.

3 साल तक इंतजार क्यों किया?- ममता बनर्जी

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि अगर यह सरकार वास्तव में इस नेक उद्देश्य को लेकर गंभीर थी, तो 28 सितंबर 2023 को महिला आरक्षण विधेयक पारित होने के लगभग 3 साल बाद तक उसने इंतज़ार क्यों किया? कई राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में इसे इतनी जल्दी क्यों पारित किया गया? और परिसीमन के साथ इसे क्यों जोड़ा गया? तृणमूल कांग्रेस दशकों से महिलाओं के लिए खड़ी रही है. हम खड़े रहेंगे लेकिन हम उस विषय पर उपदेश नहीं सुनेंगे जिसे सत्ताधारी दल न तो समझता है और न ही सम्मान करता है.

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री जी, अगली बार जब आप राष्ट्र को संबोधित करें तो संसद के पटल से ऐसा करने का साहस दिखाएं. जहां आप जांच, चुनौती और जवाबदेही के दायरे में हैं. आपने कल जो किया वह कायरतापूर्ण, पाखंडी और दोहरी चाल थी. आप महसूस कर सकते हैं कि सत्ता आपके हाथों से फिसल रही है. 

ये भी पढ़ें

बंगाल की रैली में गरजे CM योगी, टीएमसी पर जमकर किया हमला, बोले- ‘ममता दीदी सिंहासन खाली करो’



[ad_2]
‘महिला आरक्षण के विरोध का सवाल ही नहीं उठता’, PM मोदी के संबोधन पर ममता बनर्जी का पहला रिएक्शन