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खेती में बढ़ती पैदावार की दौड़ अब जमीन की सेहत पर भारी पड़ रही है। पंजाब यूनिवर्सिटी के बॉटनी विभाग की ताजा रिसर्च में सामने आया है कि आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले कीटनाशक मिट्टी में मौजूद जरूरी सूक्ष्मजीवों को तेजी से खत्म कर रहे हैं।
यह स्टडी साफ इशारा करती है कि अगर कीटनाशकों का अंधाधुंध इस्तेमाल जारी रहा तो मिट्टी की उर्वरता और फसल उत्पादन दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। यह रिसर्च 31 मार्च 2026 को एक्टा साइंटिफिक एग्रीकल्चर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
रिसर्च को विभाग के राजनी यादव और प्रो. आनंद नारायण सिंह की टीम ने इको सिस्टम एंड रिस्टोरेशन इकोलॉजी लैब में किया। अध्ययन में ऑर्गेनोक्लोरीन (एल्ड्रिन) और ऑर्गेनोफॉस्फेट (फोरेट) जैसे कीटनाशकों का मिट्टी के सूक्ष्म जीवों पर असर परखा गया। इसके लिए सात अलग-अलग ट्रीटमेंट बनाए गए और 1, 7, 14 और 21 दिन के अंतराल पर मिट्टी के सैंपल जांचे गए। प्रो. आनंद ने बताया कि नतीजों में सामने आया कि कीटनाशकों के इस्तेमाल से बैक्टीरिया, फंगस और एक्टिनोमाइसीट्स जैसे जरूरी सूक्ष्मजीवों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की गई। बैक्टीरिया की संख्या 1.98×10⁵ से 9.5×10⁵ cfu/g के बीच रही जबकि फंगस 1.43×10³ से 7.34×10³ cfu/g और एक्टिनोमाइसीट्स 2.63×10³ से 13.97×10³ cfu/g के बीच पाए गए। खास बात यह रही कि ऑर्गेनोफॉस्फेट कीटनाशकों ने सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया।
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PU रिसर्च: कीटनाशकों से बीमार हो रही मिट्टी, विशेषज्ञों की चेतावनी-संतुलन बिगड़ा तो खेती संकट में


