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कुरुक्षेत्र। ज्योतिसर की धर्मधरा पर भगवान श्रीकृष्ण व शिव का 3 मार्च को हरि हर मिलन होगा। इसके लिए भगवान ब्रह्मा की ओर से स्थापित पवित्र ब्रह्मसरोवर से भगवान शिव श्रीकृष्ण की कर्मस्थली ज्योतिसर तीर्थ पर खास पालकी में सवार होकर पहुंचेंगे। यहां हरि हर मिलन के साथ फूलों की होली खेली जाएगी। धर्मनगरी में पहली बार यह खास आयोजन होगा जिसकी कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की ओर से बड़ी पहल की जा रही है। बोर्ड धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से मिलकर इस आयोजन को बेहद खास बनाने में जुटा है।
पवित्र ब्रह्मसरोवर का भगवान शिव से गहरा संबंध माना जाता है। सरोवर के बीच में भगवान शिव को समर्पित सर्वेश्वर महादेव मंदिर स्थित है। मान्यता के अनुसार इस प्राचीन शिवलिंग की स्थापना स्वयं भगवान ब्रह्मा ने की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार यह मंदिर पांडवों की युद्ध में विजय की प्रार्थना और सूर्य ग्रहण के समय विशेष महत्व से भी संबंधित है।
इसके कारण ही पवित्र ब्रह्मसरोवर से शोभायात्रा शुरू की जाएगी। इसमें खास पालकी में सवार भगवान शिव की झांकी शामिल होंगी और सैकड़ों श्रद्धालु उनका स्वागत करते हुए ज्योतिसर तीर्थ पर पहुंचेंगे। यहां भगवान शिव और श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना व विधि विधान से हरि-हर मिलन कराया जाएगा। इस दौरान फूलों की होली भी खेली जाएगी। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड इस आयोजन को खास बनाने के लिए कई दिनों से तैयारियों में जुटा है और वहीं सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं में भी खास उत्साह बना हुआ है।
धर्मनगरी के लिए बेहद खास होगा आयोजन : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि पहली बार किया जा रहा यह आयोजन बेहद खास होगा। धर्मनगरी हरि-हर मिलन से उत्साह के साथ झूम उठेगी। केडीबी व सामाजिक संस्थाएं इस आयोजन के लिए तैयारियों में लगी हैं। भगवान श्री कृष्ण से मिलाने के लिए भगवान शिव को पवित्र ब्रह्मसरोवर से लेकर जाया जाएगा।
कुरुक्षेत्र। केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंगल।
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Kurukshetra News: ब्रह्मसरोवर से पालकी में सवार होकर गीता की धरा ज्योतिसर पर पहुंचेगे भगवान शिव, होगा हरि-हर मिलन




