Kurukshetra News: जनगणना 16 से, 2838 शिक्षकों की लगाई ड्यूटी Latest Haryana News

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यमुनानगर। जिले में 16 अप्रैल से जनगणना की पहली प्रक्रिया यानी स्व गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) शुरू की जाएगी। इस बार जनगणना को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना का किसी भी सरकारी योजना से संबंध नहीं है। इसमें दी गई सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। सबसे पहले जनगणना जिला के अधिकारियों व कर्मचारियों की जाएगी। उपायुक्त प्रीति ने सोमवार को जिला सचिवालय के सभागार में प्रेसवार्ता की।

उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहला चरण मकान सूचीकरण एवं भवन गणना एक मई से 30 मई तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की विस्तृत गणना की जाएगी। इस बार पहली बार लोगों को स्वयं अपनी जानकारी भरने की सुविधा दी जा रही है। 16 से 30 अप्रैल तक चलने वाली इस प्रक्रिया में लोग घर बैठे ही ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए क्यूआर कोड स्कैन कर या गूगल पर सेल्फ एन्यूमरेशनसर्च कर पोर्टल खोला जा सकता है। मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी के जरिए सत्यापन होगा। इसके बाद लोग अपनी जानकारी भरकर स्वयं सत्यापित कर सकेंगे। जानकारी सबमिट करने के बाद एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे बाद में गणनाकर्मी को दिखाना होगा। जनगणना प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पोर्टल और मोबाइल एप पर 40 भाषाओं में जानकारी भरने की सुविधा दी गई है। जनगणना के लिए किसी भी प्रकार के पहचान पत्र (आईडी) की आवश्यकता नहीं होगी। लोग जो जानकारी देंगे, वही दर्ज की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति गलती से गलत जानकारी भर देता है, तो उसे बाद में सुधारने का विकल्प भी दिया जाएगा। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है।


घर बैठे होगी गणना, लोकेशन भी होगी दर्ज:

जनगणना इस बार डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिससे आमजन घर बैठे ही अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। पोर्टल पर राज्य, जिला और पिन कोड डालकर अपने घर की लोकेशन मैप पर चिन्हित करनी होगी। इससे सही स्थान की जानकारी भी दर्ज हो सकेगी। जनगणना कार्य में जिले में 2,838 शिक्षकों को गणनाकर्मी के रूप में तैनात किया गया है। जिले में कुल 3600 शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें से कई पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं और कुछ जल्द रिटायर होने वाले हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी के बीच इतनी बड़ी संख्या में ड्यूटी लगने से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

33 सवालों के देने होंगे जवाब:

पहले चरण में लोगों से कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे। इनमें मकान की स्थिति, निर्माण सामग्री, उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया की जानकारी, जाति से संबंधित विवरण और मालिकाना हक जैसे बिंदु शामिल हैं। इसके अलावा घर में उपलब्ध सुविधाओं जैसे पानी का स्रोत, शौचालय, बिजली, रसोई, ईंधन, इंटरनेट, मोबाइल, टीवी और वाहन आदि की जानकारी भी ली जाएगी। डीसी ने कहा कि जनगणना के तहत दी गई सभी जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इसका उपयोग किसी भी सरकारी योजना, जांच या अन्य कार्रवाई के लिए नहीं किया जाएगा। जनगणना कार्य में लगे कर्मचारियों को सरकार की ओर से पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। गणनाकर्मी इन्हें पहन कर ही घर-घर जाकर जानकारी का सत्यापन करेंगे, जिससे लोगों को उनकी पहचान करने में आसानी होगी।

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Kurukshetra News: जनगणना 16 से, 2838 शिक्षकों की लगाई ड्यूटी