Kurukshetra News: अवसाद में चल रहे छात्रों की पहचान नहीं कर पाया प्रशासन Latest Haryana News

[ad_1]

कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी कुरुक्षेत्र में वीरवार को बीते 18 दिन में तीसरी और पिछले दो महीने में चौथी आत्महत्या की गई है। वीरवार को बिहार की रहने वाली दीक्षा दुबे की आत्महत्या के बाद एक बार फिर एनआईटी प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन अवसाद में चल रहे छात्र-छात्राओं की पहचान तक नहीं कर पाया है।

बीते 10 मार्च को एनआईटी परिसर में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन तेजस्वनी अनंत कुमार पहुंची थीं। उन्होंने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई थी और करीब ढाई घंटे तक पूरे प्रशासन के साथ मंथन भी किया था ताकि भविष्य में इस तरह के मामले न हों। वे स्वयं भी हॉस्टल आठ में कर्मचारियों और बच्चों से मिलकर उनसे उनकी परेशानी जानकर आई थीं। हर छात्र से बात कर उनकी समस्या को जानने के लिए डॉ. लिली दीवान के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी, लेकिन इसके बाद भी एनआईटी प्रशासन उम्मीद अनुसार सुध नहीं ले पाया। अब तक प्रशासन सिर्फ हॉस्टल आठ के ही छात्रों से संवाद स्थापित कर पाया है। महिला हॉस्टल और अन्य पुरुष हॉस्टल की तरफ अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया और न ही वहां किसी प्रकार का संवाद स्थापित कर पाया।

इसके इतर जल्द ही परिसर में सीसीटीवी की संख्या बढ़ाने, 20 से 25 छात्रों का ग्रुप बनाकर हर शिक्षक को संवाद स्थापित करने और हॉस्टल मेस कर्मचारी को सख्त हिदायत कि कोई खाना खाने न आए तो उसकी सूचना हॉस्टल वार्डन को देने जैसे फरमान जारी किए गए थे। साथ ही प्रत्येक शाखा के छात्रों के लिए फैकल्टी कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए जाने के बारे में भी कहा था, जो नियमित रूप से छात्रों के साथ बैठक करेंगे और उन्हें शैक्षणिक, व्यक्तिगत व अन्य समस्याओं में उनकी मदद करेंगे। ऐसे छात्रों की पहचान भी की जाएगी, जिन्हें तत्काल सहायता की आवश्यकता है।

[ad_2]
Kurukshetra News: अवसाद में चल रहे छात्रों की पहचान नहीं कर पाया प्रशासन