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जींद के जिला परिषद चेयरपर्सन के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरी बार भी बैठक स्थगित हो गई। जिला परिषद की बैठक को लेकर लंबे समय से इंतजार बना था। बैठक में ठीक निर्धारित समय से पहले चेयरपर्सन मनीषा रंधावा पहुंच गई, लेकिन विरोधी खेमे से कोई भी पार्षद नहीं पहुंचा।
बैठक को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। डीआरडीए हाल के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया था, लेकिन 12 बजे डीसी के छुट्टी पर जाने का हवाला देकर बैठक को स्थगित कर दिया। जानकारी के अनुसार विरोधी खेमे के पक्ष में पार्षदों की संख्या का कम होना है।
जिला परिषद चेयरपर्सन मनीषा रंधावा ने दावा किया कि उनके पास 13 पार्षदों का बहुमत है। मनीषा रंधावा को कुर्सी बचाने के लिए खुद समेत नौ पार्षदों की जरूरत है, लेकिन विरोधी खेमे को 17 पार्षद चाहिए। डीसी को सौंपे अविश्वास प्रस्ताव में 18 पार्षदों ने चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के शपथ पत्र सौंपे थे।
अब चेयरपर्सन ने कहा कि प्रशासन जिला में विकास कार्यो की अनदेखी कर रहा है। इसके कारण ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले विकास कार्य रुके हैं। अब वह इस मामले को लेकर अदालत का सहारा लेंगे और आगामी तारीख लेकर चुनाव करवाएंगे।
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