तेज गर्मी में हनीकॉम्ब पैड और आइस चैंबर कूलरों की डिमांड, अंबाला के राय मार्केट में कूलर Haryana News & Updates

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अंबाला छावनी की राय मार्किट में बढ़ती गर्मी के साथ कूलरों की मांग तेजी से बढ़ गई है. 36 से 40 डिग्री तापमान के बीच लोग एसी की बजाय किफायती और नए फीचर्स वाले कूलर खरीद रहे हैं, जिनकी कीमत 3500 से 15000 रुपये तक है. इनवर्टर पर चलने वाले साइलेंट कूलर, आइस चैंबर और हनीकॉम्ब पैड जैसे फीचर्स ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं, जिससे बाजार में रोजाना अच्छी बिक्री हो रही है.

अंबाला. हरियाणा में गर्मी ने अब पूरी तरह असर दिखाना शुरू कर दिया है, और अंबाला छावनी की राय मार्किट में इसका सीधा असर बाजार की रौनक पर देखने को मिल रहा है. दरअसल, दोपहर के समय जहां तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच जाता है, तो वहीं दूसरी तरफ लोगों का सड़कों पर निकलना भी मुश्किल हो गया है. तेज धूप और गर्म हवाओं से राहत पाने के लिए अब लोग ठंडक देने वाले उपकरणों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं, खासतौर पर एसी के मुक़ाबले इस बार नए फीचर के कूलरों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है. बता दे कि राय मार्किट, जो अंबाला छावनी का एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, और इन दिनों कूलर की खरीदारी के लिए हॉटस्पॉट बन चुका है. यहां छोटी-बड़ी कई दुकानों पर अलग-अलग कंपनियों और मॉडलों के कूलर उपलब्ध हैं, जिनमें इस बार बड़ी तादाद में कूलरों की डिमांड बड़ी है. कूलरों की बात करें तो आइस चैंबर कूलर से लेकर लाइटिंग और म्यूजिक सिस्टम से लेस कूलर घरों की रौनक बढ़ा रहे है. दुकानदारों के मुताबिक, इस बार सीजन की शुरुआत में ही बिक्री ने रफ्तार पकड़ ली है, जो पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा है.

वहीं इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए दुकानदार आनंद सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस बार एसी का ट्रेंड तो काफी ज्यादा चल रहा है, लेकिन कूलर के मुकाबले एसी के दामों में काफी ज्यादा उछाल देखने को मिला है. जिससे लोग अब कूलर की खरीदारी में अपना रुझान ज्यादा दिखा रहे है, और साथ ही इस बार कूलर की शुरुआत 3500 रूपये से लेकर 15000 रूपये के बीच देखने को मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि इस बार मात्र 700 रूपये की EMI पर लोग अपने घर कूलर लेकर जा रहे हैं. इसके साथ ही बिजली के कटो के बीच इनवर्टर पर चलने वाले इंडोर कूलर काफी ज्यादा लोगों को किफायती दामों पर मिल रहे हैं. इन कूलरों की खासियत यह है कि यह बिल्कुल साइलेंट है और ऑन करने के बाद इनमें बिल्कुल भी आवाज नहीं आती है. उन्होंने बताया कि जो आइस चैंबर वाले कूलर मार्केट में इस बार आए हैं, जिनकी कूलिंग एसी के बराबर है और उनकी बिजली खपत छत वाले पंखे की जितनी है.

मूड के हिसाब से कूलर में लाइटिंग
वहीं दुकानदार राजीव टंडन ने बताया कि इस बार गर्मी के मौसम में कूलर के अंदर काफी अलग-अलग तरह के फीचर देखने को मिले हैं, जिसमें मूड के हिसाब से कूलर में लाइटिंग लगी हुई है और उन्हें बदला जा सकता हैं. उन्होंने कहा कि इस बार ग्राहक सिर्फ सस्ता कूलर नहीं, बल्कि बेहतर क्वालिटी और नई तकनीक वाले प्रोडक्ट की मांग कर रहे हैं. बाजार में अब ऐसे कूलर आ चुके हैं जिनमें हनीकॉम्ब पैड्स का इस्तेमाल हो रहा हैं, ये पैड पारंपरिक घास (खस) के मुकाबले ज्यादा टिकाऊ हैं और बेहतर कूलिंग प्रदान करते हैं. इसके अलावा, नए कूलरों में इस्तेमाल हो रही मोटर पहले के मुकाबले कम आवाज करती है, जिससे घरों और दुकानों में आरामदायक माहौल बना रहता है. उन्होंने बताया कि कीमत की बात करें तो छोटे कूलर लगभग 3500 रूपये से 7000 रुपये से शुरू हो रहे हैं, जिनमें 50 लीटर तक की टैंक क्षमता मिलती है.

वहीं, 90 लीटर के कूलर 9000 से 10000 रुपये के बीच उपलब्ध हैं, जो बड़े कमरों और हॉल के लिए उपयुक्त माने जाते हैं. इसी तरह 110 लीटर तक की क्षमता वाले कूलर करीब 12000 रुपये तक मिल रहे हैं और इसके अलावा, दुकानों पर इंडस्ट्रियल कूलर भी मौजूद हैं, जिनकी कीमत 50 हजार रुपये से अधिक है और ये बड़े हॉल, गोदाम या दुकानों के लिए खरीदे जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ज्यादातर कूलरों पर 2 से 3 साल की वारंटी दी जा रही है, साथ ही फ्री सर्विस और कुछ मामलों में 7 दिन की रिप्लेसमेंट की सुविधा भी मिल रही है. यही कारण है कि ग्राहक बिना ज्यादा झिझक के खरीदारी कर रहे हैं, और रोजाना काफी संख्या में कूलर बिक रहे हैं. उन्होंने बताया कि कूलर के साथ साथ फर्राटा पंखा की डिमांड भी काफी ज्यादा बड़ी है, ग्रामीण क्षेत्रों से लोग खासतौर पर इसे खरीदने के लिए पहुंचे रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह फर्राटा पंखा इनवर्टर पर भी आसानी से चल सकते है. इनकी शुरुआत 1800 रूपये से लेकर 5000 रूपये तक के बीच में देखने को मिल रही हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

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