Highcourt: सीमा बंकर में सो रहा जवान भी ड्यूटी पर माना जाएगा, शहीद की पत्नी को उदारीकृत पेंशन का आदेश Chandigarh News Updates

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश में स्पष्ट कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनाती के दौरान बंकर में सोते समय हुई मृत्यु को भी ड्यूटी के दौरान हुई मौत माना जाएगा। 

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सैनिक अधिसूचित ऑपरेशनल क्षेत्र में तैनात है और उसकी मृत्यु सैन्य सेवा से जुड़ी परिस्थितियों में होती है तो उसके आश्रितों को उच्च श्रेणी की उदारीकृत फैमिली पेंशन का अधिकार होगा।

जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की अपील को खारिज करते हुए आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (एएफटी) चंडीगढ़ के 16 मार्च 2023 के आदेश को बरकरार रखा है। एएफटी ने दिवंगत सैन्य अधिकारी मेजर सुशील कुमार सैनी की होशियारपुर निवासी पत्नी अनुराधा सैनी को लिबरलाइज्ड फैमिली पेंशन देने का आदेश दिया था। केंद्र सरकार ने अदालत में दलील दी थी कि अधिकारी की मृत्यु नींद के दौरान हुई थी, इसलिए इसे ऑपरेशनल गतिविधि के दौरान हुई मौत नहीं माना जा सकता और अधिकतम स्पेशल फैमिली पेंशन ही दी जा सकती है।

हाईकोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार करते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी भारत-पाकिस्तान सीमा पर ऑपरेशन रक्षक के तहत अधिसूचित ऑपरेशनल क्षेत्र में तैनात थे और कोर्ट ऑफ इंक्वायरी की रिपोर्ट में भी उनकी मृत्यु को सैन्य सेवा से संबंधित बताया गया है।

रिकाॅर्ड के अनुसार, घटना वाले दिन सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की सूचना मिली थी। इसके बाद मेजर सैनी ने आवश्यक निर्देश दिए और पूरी स्थिति की निगरानी की। ऑपरेशनल तनाव और पहले से मौजूद उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण उन्हें रात में दिल का दौरा पड़ा जिससे उनकी मृत्यु हो गई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सीमा क्षेत्र में तैनात सैनिक लगातार परिचालन दबाव और जोखिम पूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं इसलिए उनकी मृत्यु का मूल्यांकन केवल घटना के समय की गतिविधि से नहीं, बल्कि संपूर्ण ड्यूटी परिस्थितियों के आधार पर किया जाना चाहिए।

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Highcourt: सीमा बंकर में सो रहा जवान भी ड्यूटी पर माना जाएगा, शहीद की पत्नी को उदारीकृत पेंशन का आदेश