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मंदिरों में दिखी भीड़, जगह-जगह भंडारे का आयोजन व जरूरतमंदों को दिया दान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मकर संक्रांति का अवसर पर जिलेभर में हर्ष और उल्लास से मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया। इस अवसर पर जिले के सभी मंदिरों में सुबह से ही भीड़ लगना शुरू हो गई थी। देर शाम तक शहर के विभिन्न मंदिरों में लोगों ने भगवान का दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दिन दान का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसे में लोगों ने तिल, गुड़, चावल, कंबल, गर्म कपड़े और अन्न आदि का दान किया। ऐसे में जगह-जगह भंडारे लगाए गए और मंदिरों के बाहर गरीबों को गरम कपड़े व कंबल दान में दिए गए। साथ ही कई लोगों अपने हाथ से बनने प्रसाद को जरूरतमंदों में बांटा।
दही-चूड़ा के साथ मना त्योहार
साइबर सिटी में हर राज्य के लोग रहते हैं और सभी अपने परंपरा के अनुसार त्योहार मनाते हैं। हर राज्य में इसका अलग-अलग नाम है जैसे- उत्तर प्रदेश और बिहार में खिचड़ी या मकर संक्रांति, गुजरात में उत्तरायण, तमिलनाडु में पोंगल, पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति या पौष पारबोन और उत्तराखंड में उत्तरायणी या घुघुती कहते हैं। वहीं, पंजाब और हरियाणा में माघी के नाम से जाना जाता है। शहर में रहने वाले यूपी के निवासियों ने तिल के लड्डू खाकर दिन की शुरुआत की। वहीं, बिहार के निवासियों ने चूड़ा-दही और तिल के बने पकवान खाकर त्योहार मनाया। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर त्योहार की बधाई दी।
गाेशाला पहुंचे दीपेन्द्र सिंह हुड्डा
फर्रुखनगर। मकर संक्रांति के पावन पर्व गाेशाला, फर्रुखनगर में आयोजित गोभक्त सम्मान समारोह एवं 118वें वार्षिक उत्सव में रोहतक के सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दीपेन्द्र सिंह हुड्डा अपनी टीम के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में पहुंचने पर गाेशाला प्रबंधन एवं गोभक्तों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सनातन संस्कृति में गोमाता की सेवा को परम धर्म माना गया है। उन्होंने कहा कि गोशालाओं के संरक्षण, संचालन एवं विकास के लिए युवा वर्ग को आगे आकर सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस परंपरा को जीवित रख सकें। संवाद
धर्म, सेवा और खेल का संगम ही समाज को आगे बढ़ाता है : भीम सिंह राठी
फर्रुखनगर। मकर संक्रांति पर खुर्मपुर-खेड़ा में धार्मिक, सामाजिक एवं खेल गतिविधियों का आयोजन हुआ। इसमें पूर्व जिला पार्षद भीम सिंह राठी, जयवीर योगी व सरपंच प्रतिनिधि धर्मेन्द्र उर्फ गोलिया ने उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान एक सप्ताह से चल रही श्रीमद्भागवत कथा का भी समापन हुआ। कथा समापन के अवसर पर हवन व विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर गांव के बुजुर्गों को सर्दी से बचाव हेतु गर्म शॉल व कंबल भेंट किए। मकर संक्रांति पर ही आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला भी कराया गया, जिसमें मुंडाखेड़ा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 21,000 रुपये की पुरस्कार राशि जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, खुर्मपुर खेड़ा की टीम को उपविजेता रहने पर 11,000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। संवाद
कार्यक्रम में यशपाल जिला पार्षद फरीदपुर, सुमित्रा देवी पूर्व सरपंच, राजबीर शर्मा सैदपुर,भोलू डाढ़ी, पप्पू, महेन्द्र, जतिन राठी, राव मान सिंह, धर्मेन्द्र ढाणी, राजेश पप्पू, समेत अन्य लोग मौजूद रहें।
भीम सिंह राठी ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पावन पर्व पर धर्म, सेवा और खेल का संगम ही समाज को आगे बढ़ाता है। भागवत कथा से हमें सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है, वहीं बुजुर्गों की सेवा हमारा नैतिक कर्तव्य है।
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Gurugram News: कहीं दही चूड़ा तो कहीं तिल के लड्डू से शुरू हुई मकर संक्राति की सुबह




