कुरुक्षेत्र में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी बोले- आने वाली पीढि़यों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों व सनातन से जोड़ने के लिए एकजुटता से करने होंगे प्रयास Latest Haryana News

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पवित्र ग्रंथ गीता में वह शक्ति हैं, जो हमें हर उहापोह से बाहर निकाल देती है। हर मुश्किल समय में गीता ही सही मार्ग दर्शन करती है। हर व्यक्ति को गीता अपने जीवन में धारण करनी चाहिए। उत्तराखंड सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में गीता पाठ अनिवार्य किया है, ताकि बच्चे गीता का स्कूली समय से ही मूल समझ सकें और बेहतर समाज व देश का निर्माण करने में भविष्य में अपनी सही भूमिका निभा सके।
यह कहना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का।

वे आज यहां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में चलते पवित्र ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित संत सम्मेलन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गीता 700 शलोकों व 18 अध्यायों का प्रकाश पुंज है। यही हमें जीवन का मूल समझाती है और यही सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। अमेरिका के परमाणु वैज्ञानिक विपिन हायमर ने भी माना है कि जब वह बेहद दुविधा में थे तो उन्हें गीता ने ही राह दिखाई थी। धामी ने कहा कि सभी का जीवन चुनौतियों से भरा है और हर चुनौती का समाधान गीता में ही है। हमारे हर निर्णय में गीता ही अहम भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि गीता सार्वभौमिक है और हर व्यक्ति को इसे अपना जीवन बनाना होगा। इसी को ही आधार मानते हुए उत्तराखंड सरकार ने देश में सबसे पहले समान नागिरक संहिता लागू की थी। और 250 मदरों को प्रदेश में बंद कर वहां शिक्षा बोर्ड द्वारा लागू किया गया पाठ्यक्रम पढ़ाया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी आने वाली पीढि़यों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों व सनातन से जोड़ने के लिए एकजुटता को कार्य करना होगा। अपने-अपने स्तर पर हर किसी को भूमिका निभानी होगी।

घुसपैठिये भेष बदलकर उत्तराखंड को अशांत करने के प्रयास में
धामी ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि देवों की भूमि है, लेकिन घुसपैठिये भेष बदलकर इसे अशांत करने के प्रयासों में लगे हैं लेकिन वहां की सरकार उन्हें करारा सबक सिखा रही है। सरकार बेहद कठोर निर्णय लेते हुए प्रदेश को विकास की ओर आगे बढ़ा रही है।

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कुरुक्षेत्र में उत्तराखंड के सीएम पुष्कर धामी बोले- आने वाली पीढि़यों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों व सनातन से जोड़ने के लिए एकजुटता से करने होंगे प्रयास