गुरुग्राम के बिलासपुर क्षेत्र में बीती रात एसटीपी के गड्ढे की मिट्टी धंसने से सात मजदूरों की मौत मामले में प्रोजेक्ट मैनेजर, स्ट्रक्चर इंजीनियर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उपायुक्त अजय कुमार ने मामले की जांच के लिए एसडीएम मानेसर की अध्यक्षता में अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है।
बिलासपुर थाने में हादसे में जान गंवाने वाले सतीश के भाई विष्णु यादव की शिकायत पर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। शिकायत में बताया कि ग्लोबल सिटी ऑफ कलर्स कंपनी, बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी दीनदयाल शर्मा उर्फ डीडी शर्मा (ठेकेदार), दिनेशवीर (प्रोजेक्ट इंचार्ज), विकास पांडे (साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज) व सेफ्टी इंचार्ज ऑफिसर द्वारा पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम व सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। जिस कारण हादसा हुआ और उसके भाई सतीश सहित अन्य मजदूरों की मौत हो गई।
हादसे के करीब दो घंटे बाद पुलिस को मिली जानकारी, तब चलाया गया राहत एवं बचाव कार्य
गांव सिधरावली में सिग्नेचर ग्लोबल प्रोजेक्ट परिसर में सोमवार शाम करीब सात बजे बजे तक सब कुछ सामान्य था। मजदूर अपने काम में जुटे थे। ठीक आधे घंटे बाद अचानक मिट्टी धंसी और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। दबे हुए मजदूरों को निकालने का प्रयास किया गया लेकिन व्यर्थ साबित हुआ।
कुछ घायलों को अस्पताल भेजा गया जबकि दबे हुए सात मजदूरों को करीब दो घंटे बाद सूचना पर पुलिस के साथ पहुंची राहत एवं बचाव दल ने निकाला, जिन्हें अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
मजदूरों की मानें तो बिल्डर ने अपने स्तर से बचाव के प्रयास किए लेकिन वह नाकाफी साबित हुए। हादसे की खबर आते ही अस्पतालों के बाहर परिजनों की बेचैनी साफ दिखाई दे रही थी। कोई अपने बेटे का नाम पुकार रहा था, तो कोई फोन पर बार-बार यही पूछ रहा था-वह ठीक तो है ना? अस्पताल में मौजूद मजदूरों के परिजन की आंखों में आंसू थे और बार-बार कह रहा था कि, सुबह ही सतीष और भागीरथ से बात हुई थी लेकिन क्या पता था कि अब कभी उनसे बात नहीं हो पाएगी। दोनों की हादसे में जान चली गई।
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सात मजदूरों की मौत: मिट्टी में दफन हुईं खुशियां, पलभर में उजड़ गई दुनिया; हादसे से कई घरों की उम्मीदें भी टूटी