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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने इस बार सख्ती दिखाने के लिए एक अलग ही तरीका अपनाया है. शांति बनाए रखने और गड़बड़ी रोकने के लिए दक्षिण कोलकाता के जिला निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक खास संदेश जारी किया, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया.
अधिकारी ने 1990 की फिल्म दिल के मशहूर गाने हम प्यार करने वाले दुनिया से ना डरने वाले का वीडियो शेयर किया. इस गाने के जरिए उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि जैसे इस गाने में लोग किसी से नहीं डरते, वैसे ही चुनाव आयोग भी बिना किसी दबाव या आलोचना की परवाह किए अपने काम में लगा हुआ है. उनका साफ कहना था कि आयोग का मकसद सिर्फ एक है राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना.
— DEO KOL SOUTH (@deokolsouth) April 12, 2026
असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी
इसके साथ ही उन्होंने असामाजिक तत्वों और गड़बड़ी करने वालों को कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने मजाकिया लेकिन सख्त अंदाज में कहा कि जो लोग चुनाव में हिंसा या गड़बड़ी करने की सोच रहे हैं, वे पहले से ‘बर्नोल’ और ‘बोरोलीन’ का स्टॉक रख लें. उनका मतलब साफ था कि अगर किसी ने गड़बड़ी की, तो सुरक्षा बल इतनी सख्ती करेंगे कि उन्हें चोट भी लग सकती है और फिर मरहम की जरूरत पड़ेगी.
अधिकारी ने यह भी कहा कि सभी वोटरों को बिना डर के मतदान करने का पूरा अधिकार है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे खुलकर वोट करें और किसी भी तरह के दबाव या डर से प्रभावित न हों. साथ ही उन्होंने यह भरोसा भी दिया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से इन बातों पर ध्यान दे रहा है. न कोई हिंसा होगी, न धमकी, न लालच दिया जाएगा और न ही फर्जी वोटिंग या बूथ पर कब्जा होने दिया जाएगा.
बर्नोल और बोरोलीन का मतलब
बयान में ‘बर्नोल’ शब्द का इस्तेमाल खास तौर पर ध्यान खींचता है. आजकल सोशल मीडिया में इसका इस्तेमाल मजाक के तौर पर किया जाता है, जब किसी को किसी बात से बहुत जलन होती है. वहीं ‘बोरोलीन’ का नाम इसलिए खास है क्योंकि यह बंगाल में बहुत लोकप्रिय है और लगभग हर घर में इस्तेमाल होती है. इसलिए इन दोनों शब्दों के जरिए अधिकारी ने एक ऐसा संदेश दिया, जो सीधे लोगों को समझ में आए और असर करे.
दरअसल, पश्चिम बंगाल में पिछले चुनावों के दौरान हिंसा, बूथ कब्जा और धमकी जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं. इसी वजह से इस बार चुनाव आयोग ने पहले से ज्यादा सख्ती बरतने का फैसला किया है. राज्य में बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं ताकि मतदान के दौरान कोई गड़बड़ी न हो.
चुनाव आयोग का संकेत
राजनीतिक तौर पर भी बयान को काफी अहम माना जा रहा है. भले ही किसी पार्टी का नाम नहीं लिया गया, लेकिन जानकारों का मानना है कि यह संदेश उन लोगों के लिए है जो चुनाव में गड़बड़ी करने की कोशिश करते हैं. साथ ही, एक सरकारी अधिकारी द्वारा इस तरह की सीधी और थोड़ी व्यंग्यात्मक भाषा का इस्तेमाल भी चर्चा का विषय बन गया है. चुनाव आयोग इस बार यह साफ संकेत देना चाहता है कि किसी भी हाल में चुनाव शांतिपूर्ण होंगे. अगर कोई नियम तोड़ने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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बंगाल चुनाव से पहले EC सख्त! बर्नोल-बोरोलीन का जिक्र कर क्या कहा जानिए


