जींद। राजकीय महाविद्यालय में शनिवार को सेंसस ऑफ इंडिया के अंतर्गत पांच दिवसीय स्वगणना जागरूकता सेमिनार का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और स्टाफ को डिजिटल माध्यम से स्वगणना भरने के लिए प्रशिक्षित करना है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य सत्यवान मलिक ने की। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र की भावी नीतियों और विकास योजनाओं का मुख्य आधार है। डिजिटल इंडिया के इस दौर में स्वगणना न केवल समय बचाती है, बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी सुनिश्चित करती है।
सेमिनार के तकनीकी सत्र में कॉमर्स विभाग से सोनू और फिजिक्स विभाग से कमलजीत ने रिसोर्स पर्सन के रूप में पोर्टल पर लॉगिन और डेटा फीड करने की चरणबद्ध जानकारी दी। प्राचार्य ने एंटी रैगिंग एसओपी और एंटी ड्रग कैंपेन पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय एक ड्रग फ्री जोन है और संस्थान के 500 मीटर के दायरे में किसी भी नशीली गतिविधि पर कानूनी कार्रवाई होगी। नोडल अधिकारी लाभ सिंह और उपप्राचार्य रणधीर खटकड़ ने सभी से समय सीमा के भीतर अपनी स्वगणना पूर्ण करने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।