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महिलाओं के सशक्तिकरण में हरियाणा देश में एक मिसाल के तौर पर बनने जा रहा है। हरियाणा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट 2047 में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए कई लक्ष्य तय किए हैं ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य सरकार ने महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को 19 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में यह भागीदारी केवल 19 फीसदी है, जो एक बहुत ही कम आंकड़ा है। इस लक्ष्य के जरिए सरकार न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का इरादा रखती है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ा रही है।
समृद्ध हरियाणा के लिए महिलाओं का साक्षर होना सबसे जरूरी है। इस दिशा में भी हरियाणा सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं की साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य की वर्तमान महिला साक्षरता दर 65.94 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल महिलाओं के ज्ञान का स्तर बढ़ेगा, बल्कि उनकी समाज में स्थिति भी बेहतर होगी। शिक्षा के माध्यम से महिलाएं अपने जीवन को सशक्त बना सकेंगी और समाज में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकेंगी।
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Women’s Day 2026: महिलाओं के सशक्तिकरण में मिसाल बनने की ओर बढ़ रहा हरियाणा, इस विभाग में बढ़ेगी हिस्सेदारी

