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सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ होने वाली अभद्रता, अश्लील कमेंट तथा उनके फोटो वीडियो के दुरुपयोग को रोकने पर सख्त कानून बनाने को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग देश भर के विधि विश्वविद्यालयों से राय लेगा। सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा व उनकी आजादी को बनाए रखने के लिए लॉ यूनिवर्सिटीज से सुझाव लिए जाएंगे। इसके बाद इन सभी सुझावों को एकत्र कर देश के कानून मंत्रालय को सौंपा जाएगा। जिसमें महिलाओं के कानूनों में संसोधन कराए जाएंगे।
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी ने कहा कि हम देश भर में महिलाओं की समस्या शिकायत सुनने के लिए जाते हैं। हजारों लाखों महिलाओं की शिकायतें हम तक पहुंचती हैं। महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा को लेकर काफी काम करने की जरूरत है। महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा को लेकर बने कानूनों में कहां पर कमियां हैं, कहां पर कानून को मजबूत बनाए जाने की जरूरत है। एआई आने के बाद महिलाओं के लिए किस तरह के बदलाव आए हैं इन सभी को लेकर देश भर की लॉ यूनिवर्सिटी से सुझाव लेंगे। इसके बाद विशेषज्ञों से सलाह लेकर प्रारूप तैयार कर कानून मंत्रालय को भेजेंगे। जरूरत के अनुसार कानूनों में बदलाव कराएंगे।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आने के बाद सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ अभद्रता, छेड़छाड़ बढ़ रही है। महिलाओं के फोटो, वीडियो का दुरुपयोग किया जा रहा है। एआई का उपयोग कर महिलाओं की अश्लील वीडियो बनाई जा रही हैं। उनके फोटो- वीडियो को एडिट कर उपयोग किया जा रहा है। जिसके डर से महिलाएं सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट डालने पर भी डिजिटल सुरक्षित नहीं हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग के समक्ष हर महीने सोशल मीडिया पर उनकी वीडियो- फोटो सहित अन्य सामग्री का दुरूपयोग करने की 200 से अधिक शिकायतें आती हैं। ऐसे मामलों में महिलाएं ब्लैकमेल का शिकार होती हैं।कई बार आत्महत्या तक करने के लिए मजबूर होती हैं। ऐसे मामलों को लेकर अब महिला आयोग ने राष्ट्रीय स्तर पर एक चिंता जाहिर की है। महिला आयोग हर स्तर पर महिलाओं को बराबरी का हक दिलाने का प्रयास करता है। ऐसे में आयोग ने फैसला लिया कि महिलाओं को सोशल मीडिया पर भी डिजिटल आजादी होनी चाहिए। उनकी डिजिटल सुरक्षा को लेकर सख्त कानून होने चाहिएं।
राष्ट्रीय महिला आयोग इस बारे में देश भर के विधि विश्वविद्यालयों से पत्राचार करेगा। महिलाओं की डिजिटल सुरक्षा को लेकर बने कानूनों पर सभी विशेषज्ञों की सलाह ली जाएगी। सोशल मीडिया को लेकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बने कानूनों की समीक्षा भी कराई जाएगी। ऐसे कानूनों के जरिए कितने लोगों को सजा मिल पा रही है। इस बारे में भी ब्योरा जुटाया जाएगा। देश भर के विधि विश्वविद्यालयों से मिले सुझावों से एक प्रारूप तैयार किया जाएगा। जिसे देश के कानून मंत्री को सौंपा जाएगा। जरूरत के अनुसार कानूनों में बदलाव भी कराया जाएगा।
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VIDEO : हिसार में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी बोलीं, महिलाओं की फोटो व वीडियो का दुरुपयोग करने वालों पर कसेगा शिकंजा