[ad_1]
हिसार से 25 किलोमीटर दूर अग्रोहा-भूना रोड पर स्थित पुरानी अनाज मंडी में अब तक बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। दो दशक पहले बनी इस मंडी में आज तक शेड की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई, जिसके चलते किसानों को अपनी फसल खुले आसमान के नीचे रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। धूप और बारिश से बचाव के अभाव में अनाज की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।
मंडी में किसानों के बैठने और विश्राम करने के लिए भी कोई उचित प्रबंध नहीं है। इस मंडी में गेहूं और सरसों की प्रमुख रूप से खरीद होती है, और आसपास के 20 से अधिक गांवों के किसान यहां अपनी फसल लेकर आते हैं। लेकिन, कच्ची जमीन और शेड के अभाव के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों और किसानों ने कई बार मंडी में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मार्केट कमेटी के सदस्य कुलदीप कुमार के अनुसार, 21 मार्च से लेकर 1 अप्रैल तक इस मंडी में लगभग 8100 क्विंटल सरसों पहुंच चुकी है, जिसमें से 6979 क्विंटल की खरीद हो चुकी है। वहीं, अब तक 2844 क्विंटल सरसों का उठान किया जा चुका है, जबकि 4135 क्विंटल का उठान बाकी है।
अब तक 418 किसान अपनी फसल बेचने के लिए गेट पास कटवा चुके हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उनकी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रशासन से लगातार अनुरोध किया जा रहा है कि मंडी में शेड और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि किसानों को राहत मिल सके।

[ad_2]
VIDEO : हिसार की अग्रोहा मंडी में दो दशक बाद भी शेड नहीं, किसान परेशान