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टोहाना उपमंडल के गांव कुलां के स्कूल में नशा मुक्ति को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, आईपीएस ने ड्रग मुक्त घोषित गांवों के सरपंचों को ड्रग मुक्त गांव अवार्ड से सम्मानित किया। इस दौरान जिला के 16 गांवों को ड्रग्स मुक्त घोषित किया गया है, जिनमें गांव बोस्ती, ठरवी, भोडी, भोडिया खेड़ा, इंदाछोई, बिढ़ाईखेड़ा, चंदड़ खुर्द, कुलां, अमानी, फतेहपुरी, लोहा खेड़ा, खनौरा, हसंगा, ढाणी बिलासपुर, कलंदरगढ़, ढाणी दादूपुर शामिल है। इस अवसर पर डीएसपी मुख्यालय जयपाल सिंह, डीएसपी टोहाना उमेद सिंह, थाना प्रभारी सदर टोहाना निरीक्षक बलजीत सिंह, थाना प्रभारी शहर टोहाना उपनिरीक्षक देवीलाल के अलावा आसपास के सरपंच सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया।
पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, आईपीएस ने कहा कि जिला फतेहाबाद में कुल 293 गांव तथा 97 वार्ड है, जिनमें से आज तक 166 गांवों व 36 वार्डों को ड्रग मुक्त घोषित किया जा चुका है। नशा मुक्ति टीम को दिसंबर तक 50 अन्य गांवों को ड्रग मुक्त घोषित करने की लक्ष्य दिया है। ड्रग मुक्त हुए इन गांवों को दोबारा से भी चैक किया जाएगा। पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने फतेहाबाद के 170 गांव में सर्वे कर अब तक करीब 1673 ड्रग पीड़ितों की पहचान की है। टीमों ने 1557 ड्रग पीड़ितों व उनके परिवार की काउंसलिग करवाई है व उन्हें उपचार करवाने के लिये प्रेरित किया है। अब तक 793 ड्रग पीडितों ने अपना उपचार लिया है व 275 ड्रग पीडितों ने ड्रग की आदत को छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि हिसार मंडल में ड्रग की डिमांड को नियंत्रित करने के लिए मंडल के सभी छः जिलों में पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें ड्रग से प्रभावित गांवों में डोर टू डोर सर्वे कर ड्रग से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान करती है। पीड़ितों की काउंसलिंग करवाई जाती हैं व उन्हें इलाज के लिए प्रेरित कर नशे से छुटकारा दिलवाने के लिये उपचार करवाया जा रहा है। अच्छी बात यह है कि टीम ने सर्वे के दौरान पाया है कि जो नशे से पीड़ित थे वे सुधर रहे है। हिसार मंडल में सैकड़ों ड्रग पीडितों ने नशा छोड दिया, कुछ लोगों ने नशे की मात्रा को कम कर दिया व नशे से छुटकारा पाने की दिशा मे उपचार पा रहे हैं। टीम ने सर्वे में पाया कि कोई नया युवा नशे की लत में नहीं गया, यह सुखद है। उन्होंने ड्रग मुक्त गांव की परिभाषा देते हुए बताया कि जिस गांव अथवा वार्ड में कोई व्यक्ति ड्रग का सेवन नहीं करता, अथवा जो ड्रग की लत से पीड़ित थे वो छोड चुके है, अथवा अपना उपचार करवा रहे हैं। गांव में कोई ड्रग तस्कर नहीं है। गांव में पहले की अपेक्षा 80 प्रतिशत तक सुधार है वह लगातार सुधार की ओर अग्रसर है ।
इस अवसर पर डीएसपी जयपाल सिंह ने कहा कि आपका गांव ड्रग मुक्त हो गया है फिर भी लगातार जागरुकता अभियान जारी रखना है। ग्रामीणों को सावधान रहना होगा। कुछ लोग अपने बच्चों की गलत आदतों को छुपाते हैं टीम से सहयोग नहीं लेते। उन्होंने कहा कि नशा सामाजिक बुराई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे नशा से ग्रस्त ऐसे भटके युवाओं की अनदेखी न करें और उन्हें सही रास्ते पर लाने की हर स्तर पर कोशिश करें। बच्चों की पढ़ाई मे रुचि के साथ-साथ खेलों में भी रुचि पैदा करे। युवाओं को खेलों में रुझान होगा तो वे नशा व अन्य बुराइयों से भी दूर रहेंगे। इस अवसर उपस्थितजन को नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।
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