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शहर से करीब साढ़े 10 किलोमीटर दूर स्थित मिर्च गांव के लोग पेयजल समस्या का दंश झेल रहे हैं। ग्राम पंचायत का कहना है कि तीन हजार की आबादी की पेयजल आपूर्ति के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने 2 एचपी मोटर और 4 इंची पाइप लाइन की व्यवस्था की हुई है जो नाकाफी है। आलम यह है कि अपर्याप्त पेयजल आपूर्ति से घरों में पेयजल संकट गहराया हुआ है।
मिर्च गांव में पिछले दो साल से पेयजल समस्या बनी हुई है। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण जनस्वास्थ्य विभाग के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। सोमवार को भी सरपंच प्रतिनिधी संजीत सांगवान की अगुवाई में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल चंपापुरी स्थित विभागीय कार्यालय पहुंचा, लेकिन उन्हें वहां कोई अधिकारी नहीं मिला। इसके चलते उन्हें वापस लौटना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पेयजल सप्लाई घिकाड़ा गांव के जलघर से होती है। वहां मिर्च गांव में पानी सप्लाई के लिए केवल 2 एचपी की मोटर और 4 इंची पाइप लाइन बिछाई हुई है, जिससे ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में पानी सप्लाई नहीं हो पा रहा। ग्रामीणों ने पेयजल आपूर्ति के लिए बोरिंग की व्यवस्था की हुई है, लेकिन पांच साल से उसका पानी भी पीने योग्य नहीं है।
– नया बोरिंग कराने और बड़ी पाइप लाइन डालने की मांग
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नया बोरिंग लगाने और पाइप लाइन बदलने के लिए वो पिछले दो सालों से लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे है, लेकिन हर बार विभाग के अधिकारी उन्हें जल्दी समाधान का आश्वासन देकर वापस भेज देते हैं। दो साल गुजर जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति गहरा रोष बना हुआ है।
– ग्रामीण बोले: बढ़ रही पेट संबंधी बीमारियां
ग्रामीण सुधीर, सरपंच प्रतिनिधी संजीत, प्रमोद सांगवान, ने बताया कि गांव में शुद्ध व साफ पेयजल की सप्लाई नही होने से उन्हें खराब हुए बोरिंग के पानी का सेवन करना पड़ रहा है। लगातार नमकयुक्त खारा पानी पीने से अधिकतर ग्रामीणों में पेट संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। अगर विभाग की ओर से समाधान में ज्यादा समय लगाया तो ग्रामीणों में और भी बीमारियां फैलने का भय बना हुआ है।
– ये है समस्या का कारण
ग्रामीण मुकेश कुमार, ढिल्लू व अनिल कुमार आदि ने बताया कि विभाग ने गांव घिकाड़ा से मिर्च गांव तक पेयजल सप्लाई के लिए बिछाई गई पाइप लाइन आधी से अधिक 4 इंची है जबकि मोटर भी 2 एचपी की लगाई गई है। इससे गांव में पानी की सप्लाई कम हो रही है। उन्हाेंने 6 इंची पाइप लाइन लगाने, गांव में खराब पड़े बोरिंग की जगह नया बोरिंग कराने व बढ़ी क्षमता की मोटर लगवाने की मांग की है।
वर्सन:
गांव मिर्च में बनी पेयजल समस्या समाधान के लिए ग्रामीणों की मांग अनुसार बोरिंग का कार्य दो दिनों में शुरू करवा दिया जाएगा। वहीं, पाइप लाइन बदलने के लिए भी जल्दी एस्टीमेट तैयार करवाया जााएगा। ये काम होने के बाद ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल मिलेगा।
मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग

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VIDEO : दादरी में 3000 की आबादी 2 साल से झेल रही पेयजल संकट, जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ बना रोष