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नई दिल्ली (UPSC Love Story). प्रशासनिक सेवाओं की दुनिया में IAS और IPS अधिकारियों का रुतबा हमेशा से ही ऊंचा रहा है, लेकिन जब जीवनसाथी भी इसी क्षेत्र से हों तो वे ‘पावर कपल’ की श्रेणी में आ जाते हैं. हरियाणा और पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों ऐसे कई IAS और IPS जोड़ों की चर्चा है, जो न केवल अपने निजी जीवन को बखूबी संभाल रहे हैं, बल्कि साथ मिलकर जनसेवा की मिसाल भी पेश कर रहे हैं. इन सरकारी अफसरों की कहानियां युवाओं को प्रेरित करती हैं कि कैसे कठिन मेहनत के साथ-साथ एक-दूसरे के करियर को सहारा देकर सफलता की नई ऊंचाइयां छुई जा सकती हैं.
यूपीएससी पावर कपल: एक दूजे का सहारा
हरियाणा और पंजाब कैडर में कई ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने मसूरी की ‘लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी’ (LBSNAA) में प्रशिक्षण के दौरान एक-दूसरे को अपना जीवनसाथी चुना. इन जोड़ों की सबसे बड़ी ताकत एक-दूसरे के काम की प्रकृति को समझना है. जब एक पार्टनर कानून-व्यवस्था (IPS) संभाल रहा होता है, तो दूसरा नीति निर्धारण (IAS) में व्यस्त होता है. यह आपसी समझ उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी मानसिक संबल प्रदान करती है.
हरियाणा के चर्चित प्रशासनिक जोड़े
हरियाणा कैडर में ऐसे कई नाम हैं जो अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर हैं. अक्सर देखा गया है कि पति-पत्नी दोनों ही प्रदेश के महत्वपूर्ण विभागों में सचिव या उपायुक्त (DC) के पदों पर तैनात होते हैं. इनकी चर्चा तब और बढ़ जाती है जब राज्य सरकार के कैडर परिवर्तन नियमों के तहत किसी अधिकारी को उसके जीवनसाथी के कैडर में ट्रांसफर किया जाता है. हरियाणा में आईएएस और आईपीएस के ऐसे कई सफल संगम हैं जो शासन को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं. हरियाणा में कई वरिष्ठ और जूनियर अफसरों ने शादी के बाद कैडर बदलकर साथ में सेवा दी है – जैसे IPS आस्था मोदी और आईएएस पार्थ गुप्ता दोनों अब हरियाणा में कार्यरत हैं.
पंजाब में प्रशासनिक तालमेल
पंजाब की बात करें तो यहां भी सिविल सेवा के जोड़ों का गहरा प्रभाव है. यहां के ‘पावर कपल्स’ न केवल नीतिगत फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, बल्कि संकट के समय एक-दूसरे के जिलों के कोऑर्डिनेशन में भी मदद करते हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर पति किसी जिले का डीसी है और पत्नी किसी रेंज की आईजी तो सुरक्षा और प्रशासन के बीच का सेतु और मजबूत हो जाता है. पंजाब में भी कई वरिष्ठ IAS-IPS जोड़ी राज्य प्रशासन और पुलिस व्यवस्था के महत्वपूर्ण पदों पर हैं – जैसे तेजवीर सिंह और जसप्रीत कौर, दोनों अतिरिक्त मुख्य सचिव पद पर.
चुनौतियां और कैडर मैनेजमेंट
IAS-IPS दंपतियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती ‘कैडर पोस्टिंग’ की होती है. केंद्र सरकार की ‘कपल पॉलिसी’ के तहत कोशिश की जाती है कि पति-पत्नी को एक ही राज्य में पोस्टिंग मिले. हालांकि, कई बार उन्हें अलग-अलग शहरों में रहना पड़ता है. यह दूरी उनके रिश्तों की परीक्षा लेती है, लेकिन वे वीडियो कॉल और सीमित छुट्टियों के जरिए इस दूरी को पाटते हैं. पंजाब और हरियाणा के ये अधिकारी अपनी व्यस्तता के बीच बच्चों की परवरिश और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभा रहे हैं.
समाज के लिए मिसाल हैं ये जोड़ियां
1990 के दशक के बैच से लेकर 2019-2020 के बैच तक कई जोड़े हैं जो प्रशासनिक प्रतिष्ठित पदों पर हैं – जैसे आईपीएस नवदीप सिंह और उनकी पत्नी आईपीएस कला रामचंद्रन. ये आईएएस-आईपीएस जोड़े केवल अधिकारी नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा हैं. उनकी सक्सेस स्टोरी साबित करती हैं कि सिविल सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि साझा जीवन दर्शन है.
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