Sirsa News: बाजार भाव ज्यादा होने से किसानों ने सरकारी खरीद से बनाई दूरी, फिंगरप्रिंट न मिले तो आई-स्कैन से होगी पहचान Latest Haryana News

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सिरसा। जिले में शनिवार से सरसों की सरकारी खरीद की प्रक्रिया शुरू हो गई लेकिन पहले दिन एक भी किसान सरकारी भाव पर अपनी फसल बेचने के लिए मंडी नहीं पहुंचा। प्रशासन ने जिलेभर में 16 खरीद केंद्र स्थापित किए थे जहां मार्केट कमेटी के कर्मचारी पूरे दिन किसानों का इंतजार करते रहे। शाम पांच बजे तक एक भी सरकारी टोकन जारी नहीं हुआ। शनिवार को किसानों ने सरकारी खरीद से दूरी बनाते हुए ज्यादा बाजार भाव पर बेची।

सिरसा अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय में सचिव वीरेंद्र मेहता ने अधिकारियों के साथ बैठक की और खरीद व्यवस्था के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सरसों और गेहूं की सरकारी खरीद के लिए मंडियों के प्रवेश द्वार पर किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए 195 बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। यदि किसी किसान के फिंगरप्रिंट मैच नहीं होते हैं तो पहचान के लिए 69 आई-स्कैन मशीनों का उपयोग किया जाएगा।

टोकन वितरण के लिए सिरसा मार्केट कमेटी कार्यालय में विशेष बूथ स्थापित किया गया है और इसी तरह का एक बूथ कपास मंडी में भी बनाया गया है। इसके अलावा सोमवार से कबीर चौक पर तीसरा टोकन बूथ शुरू करने की योजना है।

6300 से लेकर 6600 रुपये प्रति क्विंटल मिला बाजार भाव

सिरसा अनाज मंडी में शनिवार को सरसों का बाजार भाव 6300 रुपये से लेकर 6600 रुपये प्रति क्विंटल तक था जो कि सरकार द्वारा तय न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6200 रुपये से अधिक था। इसके बावजूद किसानों ने सरकारी भाव पर फसल नहीं बेची और प्राइवेट खरीदी में ही रुचि दिखाई। अब तक जिले में 72,290 क्विंटल सरसों की प्राइवेट खरीद हो चुकी है। शुक्रवार को 15,772 क्विंटल सरसों की खरीद हुई। शनिवार को सिरसा अनाज मंडी में प्राइवेट खरीद के लिए 167 टोकन जारी किए गए और 3,546 क्विंटल सरसों बाजार भाव पर खरीदी गई। प्रशासन ने जिले में सरसों की खरीद के लिए 16 केंद्र बनाए हैं। इसके बावजूद चौपटा, रानियां, बड़ागुढ़ा और डिंग जैसे क्षेत्रों से किसान अपनी फसल लेकर सिरसा अनाज मंडी में ही पहुंचे।

3 घंटे में बिक गई फसल

गांव बकरियां वाली से अनाज मंडी में किसान विनोद कुमार ने बताया सरसों का सरकारी भाव 6200 रुपये है जबकि बाजार भाव 6300 से 6700 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है। सिरसा मंडी में उसकी सरसों की फसल 6381 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से बाजार भाव व्यापारी ने खरीदी है। उसकी फसल में नमी 6 प्रतिशत थी। मंडी में आते ही तीन घंटे में फसल बिक गई।

नमी ज्यादा होने पर भी मिला 6309 का रेट

गांव केसूपुरा के किसान बेअंत सिंह ने बताया कि सुबह मंडी पहुंचने के बाद दोपहर तक प्राइवेट बोली नहीं लगी, तो उसने सरकारी खरीद का विचार किया, लेकिन बाद में उसे मंडी में ही 6309 रुपये प्रति क्विंटल का बाजार भाव मिल गया। उसकी फसल में 8 प्रतिशत से ज्यादा नमी थी।

सरकारी खरीद प्रक्रिया काफी जटिल


किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद प्रक्रिया जटिल है। इसमें पूरा दिन लग जाता है जबकि मंडी में वे कुछ ही घंटों में अपनी फसल बेचकर घर लौट सकते हैं। सरकारी खरीद में 8 प्रतिशत से अधिक नमी होने पर अधिकारी खरीद से इन्कार कर देते हैं जबकि आढ़ती 9 से 12 प्रतिशत तक नमी होने पर भी 6300 से 6400 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर सरसों खरीद रहे हैं।


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Sirsa News: बाजार भाव ज्यादा होने से किसानों ने सरकारी खरीद से बनाई दूरी, फिंगरप्रिंट न मिले तो आई-स्कैन से होगी पहचान