Sirsa News: निपुण हरियाणा के तहत किए गए सेंसस- 2 का परिणाम जारी Latest Haryana News

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सिरसा। निपुण भारत मिशन के तहत जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने को लेकर किए गए प्रयासों के सार्थक और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों की दक्षताओं में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है, जिसका सीधा प्रभाव विद्यालयों के ग्रुप वर्गीकरण पर पड़ा है। आंकड़ों के अनुसार सेंसस -1 ग्रुप ए, बी और सी में शामिल स्कूलों की संख्या में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जो शिक्षा व्यवस्था में आए सुधार को दर्शाता है।

पूर्व में ग्रुप ए में केवल 20 स्कूल शामिल थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 310 हो गई है। इसी प्रकार ग्रुप बी में पहले 86 स्कूल थे, जो अब बढ़कर 169 हो गए हैं। वहीं ग्रुप सी में पहले 314 स्कूल शामिल थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर मात्र 40 रह गई है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में विद्यालयों के प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कुल मिलाकर लगभग 59 फीसदी का बड़ा बदलाव दर्ज किया गया है, जिसे शिक्षा विभाग की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। ये रिजल्ट सेंसस – 2 का है जो विभाग द्वारा 29 और 30 दिसंबर को करवाया गया था।

77 फीसदी की हुई बढ़ोत्तरी

शैक्षणिक दक्षताओं की बात करें तो अंक ज्ञान और संख्या ज्ञान में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां इन दक्षताओं में बच्चों का स्तर अपेक्षाकृत कमजोर था, वहीं अब यह बढ़कर 77 फीसदी तक पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया और उसका सकारात्मक असर देखने को मिला।

उपायुक्त की निरंतर निगरानी के कारण आया बदलाव

इस सुधार के पीछे उपायुक्त द्वारा की जा रही नियमित मॉनिटरिंग को अहम माना जा रहा है। उपायुक्त के निर्देशानुसार निपुण-35 कार्यक्रम के तहत हर महीने 35 स्कूलों की नियमित मॉनिटरिंग करवाई जाती है। इस निरंतर निगरानी से स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने आई और कमजोर बिंदुओं पर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए गए। इसके परिणामस्वरूप विद्यालयों के शैक्षणिक स्तर में निरंतर सुधार हुआ।

मेंटर्स ने किया लगाता स्कूलों का दौरा

अक्तूबर महीने में डीपीआईयू (डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन यूनिट) की बैठक में लिए गए निर्णय के तहत बच्चों को उनकी दक्षताओं के आधार पर वर्गीकृत किया गया। जिन दक्षताओं में बच्चों का ज्ञान कम पाया गया, उन पर विशेष फोकस किया गया। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे कमजोर विषयों और दक्षताओं पर अतिरिक्त समय दें, ताकि बच्चों की समझ को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही मेंटर्स द्वारा लगातार स्कूलों का दौरा किया गया। इन विजिट्स के माध्यम से शिक्षकों को मार्गदर्शन दिया गया और शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। इस दौरान डाइट टीम द्वारा भी निरंतर कमजोर स्कूलों का दौरा किया गया।

सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने ब्लॉक में निपुण मॉनिटरिंग टीम का गठन किया था, जो नियमित रूप से उन विद्यालयों में मॉनिटरिंग करती रही जहां शैक्षणिक परिणाम अपेक्षाकृत कमजोर थे। यह पूरी प्रक्रिया जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी के सतत प्रयासों और प्रभावी नेतृत्व का परिणाम है। उनकी निगरानी और मार्गदर्शन में जिले में निपुण भारत मिशन को मजबूती मिली है और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।

– डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन सिरसा।

निपुण हरियाणा के सेंसस- 2 का परिणाम बेहतरीन है। जिसके लिए सभी शिक्षक व अधिकारियों के प्रयास है।

– डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।

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Sirsa News: निपुण हरियाणा के तहत किए गए सेंसस- 2 का परिणाम जारी