in

Sidhu Moosewala: सामने आया मूसेवाला की रेकी करने वाले का मूसा गांव से संबंध, हताश पिता बोले-मेरे साथ तो…


सिद्धू मूसेवाला की हत्या से पहले उसकी रेकी करने के आरोप में पुलिस ने सिरसा के कालांवाली निवासी केकड़ा उर्फ संदीप को गिरफ्तार किया है। अब उसके पिता ने भी उसके नशे का आदी होने और नशीले पदार्थ सप्लाई करने की पुष्टि की है। केकड़ा का छोटा भाई भी हत्या मामले में फरार बताया जा रहा है। जबकि केकड़ा ने अपने पिता को भी घर से बाहर निकाल दिया था।

संदीप उर्फ केकड़ा ने मूसेवाला के घर के बाहर चाय पीने के बाद उसके घर के बाहर निकली गाड़ी और सिद्धू मूसेवाला के साथ सेल्फी ली थी। आरोप है कि सिद्धू मूसेवाला के घर से बाहर निकलने के बाद ही उसने इसकी जानकारी शूटरों को दी थी। केकड़ा के पिता बलदेव सिंह ने कहा कि उसका एक बेटा नशे का आदी है और दूसरा हत्या मामले में फरार चल रहा है। उन्होंने बताया कि केकड़ा शुरू से ही गलत संगत में पड़ गया था और कभी कभी ही घर पर आता था।

केकड़ा करीब 12 दिन पहले घर पर आया था लेकिन इसके बाद उसका कोई अता पता नहीं है। वहीं उसका दूसरा भाई भी हत्या का आरोपी है और फरार चल रहा है। मायूस बलदेव सिंह ने कहा कि दोनों बेटे किसी काम के नहीं हैं। मारपीट कर केकड़े ने उसे भी घर से बाहर निकाल दिया था। पहले पुलिस ने उसे चिट्टे का नशा करते हुए पकड़ा था।

मूसा गांव में रहती है केकड़ा की मौसी

केकड़ा उर्फ संदीप की मौसी सिद्धू मूसेवाला के गांव में रहती है और केकड़ा कई बार उसके पास ही वहां पर जाकर रहा करता था। गांव तख्तमल निवासी निक्कू ने उसके साथ दोस्ती की थी। कई बार पहले भी वह निक्कू के साथ गांव मूसा जा चुका था।

कुछ दिन पहले ही केकड़ा मूसेवाला गांव निवासी अपनी मौसी के घर रहने के लिए गया था, जिसके बाद 29 मई को सिद्धू मूसेवाला की रेकी करने के लिए निक्कू केकड़ा को अपने साथ ले गया और उसकी जानकारी हत्यारों को दी थी।

बेटी हो चुकी है विवाह लायक लेकिन दोनों को नहीं कोई चिंताः बलदेव

केकड़ा का पिता मजदूरी करता है। उसकी मां की काफी समय पहले ही मौत हो गई है। जबकि उसके घर में उसकी एक बहन और एक छोटा भाई है। उसके पिता ने बताया कि उसकी बेटी विवाह लायक हो चुकी है। लेकिन उसके दोनों बेटे नाकारा हैं। घर से फरार रहते हैं। पुलिस उसे पकड़ कर ले गई, जिसके बाद उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

.


चौकीदार को बंधक बनाकर ट्रैक्टर लूटने का छठा आरोपी गिरफ्तार

गोताखोरों की मदद से दिनभर की तलाश, नहीं लगा आकाश का सुराग