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रोहतक।
मौजूदा दौर में तकनीकी कोर्स और विद्यार्थियों से फीडबैक बेहद आवश्यक है। जाट शिक्षण संस्था में शिक्षा में सुधार के साथ विद्यार्थियों को कौशलयुक्त बनाने पर जोर दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति (एनईपी) को बेहतर ढंग से लागू किया जाएगा। व्यवस्था दुरुस्त बनाने के लिए विद्यार्थियों से फीडबैक भी लिया जाएगा। यह कहना है जाट शिक्षण संस्था के प्रधान गुलाब सिंह दिमाना और सचिव नवदीप मोनू का। वह बुधवार को अमर उजाला के आईएमटी कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में संस्था के किए जाने वाले कार्यों की रूपरेखा साझा कर रहे थे।
संस्था प्रधान ने कहा कि जाट शिक्षण संस्था वर्ष 1912 में शुरू हुई थी। चौधरी मातूराम इसके संस्थापक सदस्य रहे। इसके बाद से संस्था समाज में शिक्षा की अलख जगाती आ रही है। स्कूल से शुरू हुई संस्था अब कई कॉलेज व तकनीकी कोर्स करा रही है। पिछले कई वर्षों से संस्था के चुनाव नहीं होने से कार्यकारिणी नहीं बननी थी। अब समाज ने कार्यकारिणी चुनी है। शिक्षण संस्था को पहले से की तरह शिक्षा के क्षेत्र में नंबर वन बनाना लक्ष्य है।
एनईपी लागू करने के साथ नए कोर्स शुुरू किए जाएंगे
संस्था सचिव ने कहा कि संस्था में फीडबैक की व्यवस्था भी बनाई जाएगी। इसमें विद्यार्थी पढ़ाई न होने, कक्षा न होने, शिक्षक के काम नहीं कराने या अन्य जानकारी दे सकते हैं। इन समस्याओं का समाधान कर शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाया जाएगा। युवा वर्ग के कॅरिअर और बेहतर भविष्य को लेकर संस्था में एनईपी लागू करने के साथ नए कोर्स शुुरू किए जाएंगे। इसमें बीएससी स्पोर्ट्स, नर्सिंग व अन्य कोर्स शामिल हैं। इनके लिए दस्तावेज तैयार कर संबंधित अधिकारी के पास स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे। इस संबंध में 17 अगस्त को कार्यकारिणी की बैठक बुलाई गई है। यहां कई बड़े फैसलों पर मंजूरी की मुहर लगाई जानी है।
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Rohtak News: शिक्षा में सुधार के साथ विद्यार्थियों को कौशलयुक्त बनाने पर जोर



