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रोहतक। नगर निगम की ओर से घरों से कूड़ा उठाने के कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए प्रॉपर्टी पर आरएफआईडी (रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) टैग लगाने का कार्य किया जा रहा है। नगर निगम के अनुसार शहर में 1.42 लाख प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई हैं। अभी तक केवल 25 हजार पर ही टैग लगाए गए हैं। अभी 1.17 लाख प्रॉपर्टी आईडी बकाया है। ऐसे में धीमी रफ्तार से लक्ष्य पूरा होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्राॅपर्टी पर आरएफआईडी टैग लगाने का कार्य 15 दिन से चला हुआ है। अगर इसी गति से काम होता गया तो दिसंबर तक लगभग एक लाख प्रॉपर्टी आईडी पर ही टैग लगाया जा सकेंगे। टैग लगाने का कार्य पूरा करने का दिसंबर तक का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में इस गति से दिसंबर तक यह कार्य पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
क्या है आरएफआईडी टैग
निगम अधिकारियों का कहना है कि आरएफआईडी टैग एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक लेबल है जिसमें एक चिप और एंटीना होता है। संपत्ति की पहचान और ट्रैकिंग के लिए रेडियो-फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन तकनीक का उपयोग करना है। ये टैग कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर के साथ मिलकर रेडियो तरंगों के माध्यम से काम करते हैं जिससे संपत्ति की जानकारी मिलती है। इससे नगर निगम को दैनिक आधार पर यह जानकारी प्राप्त होगी कि प्रत्येक वार्ड में सफाई एवं कूड़ा उठान की वास्तविक स्थिति क्या है।
हर घर, दुकान या संस्थान पर लगाए जा रहे हैं टैग
इस संबंध में मार्केट एसोसिएशन ने भी आश्वासन दिया है। पिछले दिनों नगर निगम आयुक्त डाॅ. आनंद शर्मा ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की थी। शहर के प्रत्येक वार्ड में हर घर, दुकान या संस्थान पर टैग लगाए जा रहे हैं।
नगर निगम की ओर से घरों से कूड़ा उठाने के कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए प्रॉपर्टी पर आरएफआईडी टैग लगाने का कार्य किया जा रहा है। इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उम्मीद है समय पर लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।
– मनजीत कुमार, संयुक्त आयुक्त नगर निगम रोहतक
30…शहर के पुराना हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी में लगाए आरएफआईडी टैग दिखाते पंकज। संवाद
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Rohtak News: शहर में 1.42 लाख प्रॉपर्टी आईडी, सिर्फ 25 हजार पर लगा आरएफआईडी टैग



