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कथा में महाराज ने भगवान श्रीराम की मर्यादित एवं दिव्य बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान ने ऋषि विश्वामित्र के यज्ञ की रक्षा के लिए अवतार लेकर राक्षसों का संहार किया।
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Rohtak News: रामनगर में मनाया श्रीराम-सीता विवाह उत्सव, उमड़े भक्त



