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चुनावी वित्त वर्ष 2024-25 में नेताओं ने शहरवासियों के घर-घर जाकर बड़े-बड़े वादे किए। किसी ने सपनों का शहर बनाने का दावा किया तो किसी ने हर समस्या के समाधान का भरोसा
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Rohtak News: एक साल में 3.25 करोड़ से ज्यादा खर्च, फिर भी सड़कों पर गोवंश



