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रेवाड़ी। बारिश के मौसम में शहर के लोगों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण किया जाएगा। इस पर 8.65 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए दूसरा टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
दूसरे टेंडर के दायरे में रेलवे ट्रैक और बावल रोड पर इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन (आईपीएस) का निर्माण व डिटेल्ड एस्टीमेट तैयार किया जाना शामिल है। इन स्थानों पर अक्सर बारिश के समय पानी भर जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
एकत्रित वर्षा जल को पंप की सहायता से आगे मुख्य ड्रेनेज सिस्टम तक पहुंचाया जाएगा। इच्छुक ठेकेदार 29 जनवरी तक अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।
परियोजना में राइजिंग मेन पाइपलाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है जो आईपीएस से पानी को सुरक्षित रूप से मुख्य निकासी बिंदुओं तक ले जाएगी।
इस परियोजना को दो भागों में विभाजित किया गया है। प्रथम बावल रोड डिस्पोजल के हिस्से की अनुमानित लागत 4.64 करोड़ रहेगी, जिससे मॉडल टाउन का लो लाइन जोन, ब्रॉस मार्केट क्षेत्र, बावल रोड, बस स्टैंड के आसपास का क्षेत्र कवर होगा।
करीब 8.65 करोड़ के नई आबादी एवं केंद्रीय बाजार क्षेत्र के दूसरे हिस्से में नई आबादी का सबसे लो लाइन क्षेत्र, ऑटो मार्केट, नाईवाली क्षेत्र, पुरानी सब्जी मंडी व रेलवे रोड़ क्षेत्र को शामिल किया है। इस पैकेज से बाजार और घनी आबादी वाले क्षेत्र को तेज बरसात के दौरान जमा होने वाले पानी से बड़े स्तर पर राहत मिलेगी।
दिसंबर 2025 में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण और अपग्रेडेशन से जुड़ा पहला टेंडर जारी किया गया था। परियोजना में नयागांव स्थित मुख्य स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन के उन्नयन से लेकर बावल रोड क्षेत्र में इनलेट पंपिंग स्टेशन और नाले के निर्माण तक कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।
करीब 4.64 करोड़ रुपये इन कार्यों पर खर्च होंगे। प्रस्तावित ड्रेनेज नेटवर्क के तहत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे वर्षा जल का निस्तारण संभव होगा। परियोजना का अहम हिस्सा नयागांव स्थित मुख्य स्टॉर्म वाटर पंपिंग स्टेशन का अपग्रेडेशन है।
आधुनिक तकनीक के आधार पर पंपिंग स्टेशन को सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे बड़ी मात्रा में स्टॉर्म वाटर को भी कम समय में निकाला जा सके।
280 मीटर तक नाले का होगा निर्माण
कंपोनेंट-5 के तहत सोलहाराही तालाब से बावल रोड तक 280 मीटर लंबे नाले का निर्माण किया जाएगा। यह नाला जल निकासी नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। इसके अलावा, कंपोनेंट-4 के अंतर्गत बावल रोड पर एक नए इनलेट पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा जो आसपास के सभी क्षेत्रों से आने वाले वर्षा जल का प्रबंधन करेगा। टेंडर में कंपोनेंट-8 के तहत स्टॉर्म वाटर पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का भी प्रावधान है। इसके साथ ही ईंट-निर्मित होड्डी और सिल्ट कैचर निर्माण भी शामिल है। निर्माण पूरा होने के बाद ठेकेदार को 5 वर्ष तक ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
चैनल तक बिछेगी 4 किमी लंबी लाइन
बाल भवन के सामने और आंबेडकर चौक से आगे, सड़कों के किनारे नाला और स्टॉर्म वॉटर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। सभी जगह के बरसाती पानी को पंपिंग स्टेशन के जरिए निकालकर स्केप चैनल में डाला जाएगा। सेक्टर-3 और मॉडल टाउन के पास बनने वाले मेन पंपिंग स्टेशन से एक 4 से 5 किलोमीटर लंबी स्वतंत्र पाइपलाइन बाईपास होते हुए कालका गांव से निकलकर स्केप चैनल में जाएगी। वर्तमान में जो पुरानी मिट्टी का नाला है उसे आरसीसी में तब्दील किया जाएगा।
दिसंबर में मिली थी परियोजना को मंजूरी
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने बताया कि कुल 26.05 करोड़ की स्टॉर्म वॉटर परियोजना को दिसंबर के पहले सप्ताह में मंजूरी मिली थी। शहर में बरसाती पानी के जमा होने की एक बड़ी समस्या थी। सरकार के समक्ष इस मांग को प्रमुखता से रखा था। बाद में स्टॉर्म वॉटर परियोजना को सरकार ने मंजूरी प्रदान कर दी। इस परियोजना के माध्यम से शहर के करीब आधे हिस्से को सीधा लाभ प्राप्त होगा तथा जलभराव की समस्या में व्यापक सुधार होगा। करीब 80 हजार की आबादी को फायदा मिलेगा।
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Rewari News: स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम पर खर्च होंगे 8.65 करोड़ रुपये, दूसरा टेंडर भी जारी




