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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।
म्यांमार में आए भयानक भूकंप में मरने वालों की संख्या एक हज़ार से ज्यादा हो गई है। सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि अब तक 1,002 लोगों की मौत हुई है और 2,376 लोग ज़ख्मी हैं। म्यांमार के मांडले और अन्य शहरों में अस्पताल घायलों से भरे पड़े हैं और अभी भी घायलों को लाया जा रहा है। भूकम्प से थाईलैंड में भी तबाही मची है। बड़ी बहुमंजिली इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। बैंकॉक और म्यांमार में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.9 तक मापी गई और कुछ ही मिनटों के बाद 6।4 तीव्रता का एक और ऑफ्टर शॉक आया। इसीलिए नुकसान ज्यादा हुआ है। चीन, रूस और भारत ने साहत और रेस्क्यू टीमें म्यांमार भेजी है। भारतीय वायुसेना का एक विमान टेंट, कम्बल, दवा, खाद्य के साथ साथ रेस्क्यू और मेडिकल टीम लेकर म्यांमार पहुंचा। भूकंप की वजह से ज्यादा तबाही म्यामांर में हुई है क्योंकि इसका केंद्र म्यांमार के दूसरे बड़े शहर मांडले के पास था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 3 और 4 अप्रैल को थाईलैंड की दो दिन की यात्रा पर जाना है। थाईलैंड-म्यांमार में आए भूकंप के बाद प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है। मोदी ने कहा है कि म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप से वो दुखी हैं। दोनों देशों को भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। मोदी ने कहा कि विदेश मंत्रालय को उन्होंने थाईलैंड और म्यांमार की सरकार से संपर्क में रहने को कहा है। थाईलैंड को यूरोपीय देशों से मदद मिल रही है, लेकिन म्यामांर में सैनिक सरकार है, इसलिए म्यांमार को मदद मिलने में मुश्किल हो रही है। भारत सरकार म्यांमार की पूरी मदद करना चाहती है। सच्चे दोस्त संकट के वक्त ही काम आते हैं, और भारत अपने पड़ोसी देश की मदद करने के तैयार है।
ऑक्सफोर्ड में ममता ने विरोधियों को कैसे चुप कराया
ममता बनर्जी आजकल ब्रिटेन के दौरे पर हैं और लंदन में ममता को विरोध का सामना करना पड़ा। ममता बनर्जी ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के केलॉग कॉलेज में गई थीं। जब वो बोलने के लिए खड़ी हुईं, उसी वक्त हॉल में मौजूद कुछ लोग पोस्टर लेकर खड़े हो गए और ममता का विरोध करने लगे। ममता बनर्जी को हिंदू विरोधी बताने लगे। प्रोटेस्टर्स के हाथों में जो तख़्तियां थी उनमें RG कर मेडिकल कॉलेज रेप केस, रामनवमी के जुलूस पर हमले, हिंदुओं पर अत्याचार जैसे मुद्दों पर ममता बनर्जी से जवाब मांगा गया था। पहले तो आयोजकों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की। जब बात नहीं बनी, तो ख़ुद ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारियों से अपील की और कहा कि वो ऐसे प्रोटेस्ट से डरती नहीं हैं। कहा, मैं सिर्फ जनता के सामने सिर झुकाती हूं। ममता ने कहा कि प्रदर्शनकारी अगर उन्हें अपमानित करना चाहते हैं करें, लेकिन भारत का नाम ख़राब न करें। ममता ने कहा कि वो रॉयल बंगाल टाइगर जैसी हैं, इस तरह के विरोध से उनका हौसला बढ़ा है। अब वो साल में कम से कम दो बार ऑक्सफोर्ड आया करेंगी। प्रोटेस्टर्स के जाने के बाद ममता बनर्जी ने अपनी स्पीच पूरी की। एक बात तो साफ है कि ममता बनर्जी के खिलाफ लंदन में जो प्रोटेस्ट हुआ, वो पूरी प्लानिंग के साथ किया गया था। ममता बनर्जी ने वहां क्या बोला, इससे उसका कोई संबंध नहीं था क्योंकि लोग पहले से पोस्टर बैनर तैयार करके लाए थे। पोस्टर्स में दिखा कि प्रोटेस्ट करने वाले SFI के थे। सबसे दिलचस्प बात ये है कि खुद को कम्युनिस्ट कहने वाले ममता को हिंदू विरोधी कह रहे थे। मुझे लगता है कि इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए। ममता बनर्जी हमारे देश की एक चुनी हुईं नेता हैं, एक बड़े राज्य की एक मजबूत नेता हैं। अपने देश में लोगों के उनसे मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बाहर के किसी मुल्क में भारत के किसी नेता के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। मैं ममता बनर्जी की प्रशंसा करूंगा कि वो इस प्रोटेस्ट से घबराईं नहीं और उन्होंने कहा कि अब वो बार-बार वहां जाएंगी।
पादरी बजिंदर सिंह को गुनाहों की सज़ा मिलनी चाहिए
चमत्कार से लोगों का इलाज करने का दावा करने वाले जालंधर के पादरी बजिंदर सिंह को मोहाली के एक कोर्ट ने रेप का दोषी करार दिया है। मोहाली कोर्ट 2018 के जीरकपुर रेप केस में बजिंदर सिंह को, एक अप्रैल को सजा सुनाएगी। सात साल पहले बजिंदर सिंह ने एक नाबालिग लड़की के साथ रेप किया था। इस मामले में बजिंदर समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिसमें से पांच लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया, एक आरोपी की मौत हो चुकी है। पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ कोर्ट के फैसले के बाद अब कई और पीड़ित महिलाएं सामने आ रही हैं। पंजाब के कपूरथला की एक लड़की ने बताया कि वो 13 साल की उम्र में बजिंदर सिंह के संपर्क में आई थी। बजिंदर ने कई साल तक उसका यौन शोषण किया। बजिंदर सिंह के खिलाफ आरोप कोई पहली बार नहीं लगे। बजिंदर सिंह कहने को तो पादरी है, लेकिन वो जेल कोई पहली बार नहीं गया। 2006 में उस पर धमकी देने और हमला करने का केस हुआ। 2008 में वो जेल गया। 10 साल बाद 2018 में उसपर रेप का केस बना था। 2022 में कैंसर की मरीज 4 साल की एक बच्ची के इलाज के नाम पर पैसे वसूलने का आरोप लगा था। बजिंदर सिंह पर इनकम टैक्स की रेड भी हो चुकी है और लोगों को Christianity में कन्वर्ट करने के आरोप में एक्शन भी हो चुका है। आश्चर्य की बात ये है कि इतना सब होने के बाद भी बजिंदर सिंह अपने आप को Prophet कहता है और लोग भी उसके प्रभाव में आ जाते हैं। मुझे याद है 2021 के पंजाब चुनाव के दौरान बजिंदर सिंह खबरों की सुर्खियों में था क्योंकि तत्कालीन सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और एक्टर सोनू सूद ने ऐलान किया था कि वो मोगा में उसकी मीटिंग में जाएगे। बाद में विश्व हिंदू परिषद ने प्रोटेस्ट किया और चन्नी उस इवेंट में नहीं गए। अच्छा हुआ कि कोर्ट ने उसे सजा दी और उसका असली चेहरा लोगों के सामने आया। अब इस ढोंगी पादरी की हैवानियत की शिकार हुई दूसरी लड़कियां भी सामने आ रही है। उम्मीद करनी चाहिए बजिंदर को अपने हर गुनाह की सजा जल्दी से जल्दी मिलेगी। (रजत शर्मा)
देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 28 मार्च, 2025 का पूरा एपिसोड

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Rajat Sharma’s Blog | म्यांमार भूकम्प में 1,000 से ज़्यादा लोगों की मौत – India TV Hindi