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Punjab: भ्रष्टाचार मामले में पूर्व कांग्रेसी मंत्री साधु सिंह धर्मसोत गिरफ्तार, संगत गिलजियां पर भी एफआईआर


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विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया है। उन्हें सोमवार देर रात तीन बजे अमलोह से पकड़ा गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा पीसीए के तहत डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह की हालिया गिरफ्तारी के सिलसिले में उन्हें अमलोह से गिरफ्तार किया गया था। 

वहीं इस मामले में एक और पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज किए गए भ्र्ष्टाचार के केस में दो पूर्व मंत्रियों साधु सिंह धर्मसोत व संगत सिंह गिलजिया के अलावा नौ लोगों के नाम शामिल हैं। इनमे अमित चौहान आईएफएस, गुरअमनप्रीत सिंह वन मंडल अफसरए दिलप्रीत सिंह वन गार्ड,  चमकौर सिह, कमलजीत सिंह निवासी खन्ना, कुलविंदर सिंह शेरगिल और सचिन कुमार शामिल है।

बताया जाता है कि गिरफ्तार डीएफओ और ठेकेदार हम्मी ने वन विभाग में गलत कामों का ब्योरा दिया था, जिसके बाद धर्मसोत को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री के गिरफ्तार वन अधिकारियों से संबंध थे। उन पर 25,000 से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई में शामिल होने का आरोप है। इस मामले में एक पंजाबी दैनिक अखबार के खन्ना स्थित पत्रकार को भी गिरफ्तार किया गया है।

कैप्टन सरकार में वन मंत्री रहे साधु सिंह धर्मसोत पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। विजिलेंस ब्यूरो के सूत्रों के अनुसार वन विभाग के कई उच्च अधिकारी एवं पूर्व अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। पूछताछ के दौरान कई अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है। 

2020 में हुआ था वीडियो वायरल 

शिवालिक की पहाड़ियों में करोर एवं मिर्जापुर में खैर की लकड़ी को बेचने के मामले में भ्रष्टाचार संबंधी एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वन विभाग के कई अधिकारी आपस में बात करते हुए कह रहे थे कि खैर के प्रति पेड़ 500 रुपये के हिसाब से विभाग के उच्च अधिकारियों एवं मंत्री तक दिए जाते हैं। उस समय इस मामले में विभागीय जांच भी हुई थी। उस जांच के घेरे में वन विभाग के चीफ कंजरवेटर से लेकर पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी तक का भी नाम था। 

यह था मामला 

मोहाली के डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह की तरफ से डब्लयूडब्लयूआईसीएस के मालिक बीएस संधू के खिलाफ 9 मई को नयागांव थाने में एक केस दर्ज करवाया गया था। जिसके बाद उनके बेटे देवेंद्र संधू द्वारा डीएफओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जिसमें उन्होंने एक वीडियो भी दिया था। यह भ्रष्टाचार के आरोप 30 अप्रैल को उनकी मुलाकात के दौरान दो लाख लेने के थे। इस मामले में 2 जून को विजिलेंस ब्यूरो ने मुकदमा दर्ज कर डीएफओ एवं ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह उफ हम्मी को गिरफ्तार किया था। उस मामले में दोनों का 4 दिन रिमांड लेकर आरोपियों से पूछताछ हुई थी।

ठेकेदार की डायरी ने खोल दी नेताओं की पोल

विजिलेंस के डायरेक्टर वरिंदर कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी बड़े ही तरीके से धोखाधड़ी का सारा कारोबार चला रहे थे। पेड़ों की कटाई से लेकर, ट्रांसफर एनओसी जारी करना समेत हर एक चीज के लिए उक्त लोगों से मोटी रकम लेकर काम करवाते थे। जांच में यह सामने आया है कि पैसा मंत्री साधु सिंह धर्म सोत से लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचता था। अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार से पूछताछ के बाद उन्हें एक डायरी मिली है, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं। डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि अब तक आरोपियों के पास जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा विजिलेंस की टीम सर्च कर रही है। सारा रिकॉर्ड और तथ्य जुटाए जा रहे है। उम्मीद है कि अन्य आरोपी भी जल्दी पकड़े जाएंगे।

विस्तार

विजिलेंस ब्यूरो ने पंजाब के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसीए) से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया है। उन्हें सोमवार देर रात तीन बजे अमलोह से पकड़ा गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विजिलेंस ब्यूरो द्वारा पीसीए के तहत डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह की हालिया गिरफ्तारी के सिलसिले में उन्हें अमलोह से गिरफ्तार किया गया था। 

वहीं इस मामले में एक और पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज किए गए भ्र्ष्टाचार के केस में दो पूर्व मंत्रियों साधु सिंह धर्मसोत व संगत सिंह गिलजिया के अलावा नौ लोगों के नाम शामिल हैं। इनमे अमित चौहान आईएफएस, गुरअमनप्रीत सिंह वन मंडल अफसरए दिलप्रीत सिंह वन गार्ड,  चमकौर सिह, कमलजीत सिंह निवासी खन्ना, कुलविंदर सिंह शेरगिल और सचिन कुमार शामिल है।

बताया जाता है कि गिरफ्तार डीएफओ और ठेकेदार हम्मी ने वन विभाग में गलत कामों का ब्योरा दिया था, जिसके बाद धर्मसोत को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि पूर्व मंत्री के गिरफ्तार वन अधिकारियों से संबंध थे। उन पर 25,000 से अधिक पेड़ों की अवैध कटाई में शामिल होने का आरोप है। इस मामले में एक पंजाबी दैनिक अखबार के खन्ना स्थित पत्रकार को भी गिरफ्तार किया गया है।

कैप्टन सरकार में वन मंत्री रहे साधु सिंह धर्मसोत पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। विजिलेंस ब्यूरो के सूत्रों के अनुसार वन विभाग के कई उच्च अधिकारी एवं पूर्व अधिकारी भी इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं। पूछताछ के दौरान कई अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। जल्द ही उनकी भी गिरफ्तारी हो सकती है। 

2020 में हुआ था वीडियो वायरल 

शिवालिक की पहाड़ियों में करोर एवं मिर्जापुर में खैर की लकड़ी को बेचने के मामले में भ्रष्टाचार संबंधी एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वन विभाग के कई अधिकारी आपस में बात करते हुए कह रहे थे कि खैर के प्रति पेड़ 500 रुपये के हिसाब से विभाग के उच्च अधिकारियों एवं मंत्री तक दिए जाते हैं। उस समय इस मामले में विभागीय जांच भी हुई थी। उस जांच के घेरे में वन विभाग के चीफ कंजरवेटर से लेकर पूर्व प्रिंसिपल सेक्रेटरी तक का भी नाम था। 

यह था मामला 

मोहाली के डीएफओ गुरअमनप्रीत सिंह की तरफ से डब्लयूडब्लयूआईसीएस के मालिक बीएस संधू के खिलाफ 9 मई को नयागांव थाने में एक केस दर्ज करवाया गया था। जिसके बाद उनके बेटे देवेंद्र संधू द्वारा डीएफओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जिसमें उन्होंने एक वीडियो भी दिया था। यह भ्रष्टाचार के आरोप 30 अप्रैल को उनकी मुलाकात के दौरान दो लाख लेने के थे। इस मामले में 2 जून को विजिलेंस ब्यूरो ने मुकदमा दर्ज कर डीएफओ एवं ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह उफ हम्मी को गिरफ्तार किया था। उस मामले में दोनों का 4 दिन रिमांड लेकर आरोपियों से पूछताछ हुई थी।

ठेकेदार की डायरी ने खोल दी नेताओं की पोल

विजिलेंस के डायरेक्टर वरिंदर कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपी बड़े ही तरीके से धोखाधड़ी का सारा कारोबार चला रहे थे। पेड़ों की कटाई से लेकर, ट्रांसफर एनओसी जारी करना समेत हर एक चीज के लिए उक्त लोगों से मोटी रकम लेकर काम करवाते थे। जांच में यह सामने आया है कि पैसा मंत्री साधु सिंह धर्म सोत से लेकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचता था। अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार से पूछताछ के बाद उन्हें एक डायरी मिली है, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए हैं। डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि अब तक आरोपियों के पास जाने की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा विजिलेंस की टीम सर्च कर रही है। सारा रिकॉर्ड और तथ्य जुटाए जा रहे है। उम्मीद है कि अन्य आरोपी भी जल्दी पकड़े जाएंगे।

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