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महेंद्रगढ़। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) के गांव रिवासा स्थित केंद्र में 15 जनवरी से सात दिवसीय व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र रिवासा में होने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में इच्छुक पशुपालक, ग्रामीण युवा, किसान उद्यमी एवं महिलाएं भाग ले सकती हैं।
60 प्रतिभागियों का पंजीकरण पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किया जाएगा। प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को वैज्ञानिक डेयरी प्रबंधन, दुग्ध प्रसंस्करण, आधुनिक विपणन तकनीकें एवं उपलब्ध वित्तीय सहायता योजनाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. योगेन्द्र सिंह यादव विस्तार विशेषज्ञ (डेयरी), हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र रिवासा ने बताया कि प्रशिक्षण में व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग के सभी प्रमुख पहलुओं को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान दूध प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लघु डेयरी संयंत्र की स्थापना, आधुनिक विपणन तकनीकें, उन्नत नस्लों का चयन, संतुलित आहार प्रबंधन, नवजात बछड़ों की देखभाल, मौसम आधारित डेयरी प्रबंधन तथा डेयरी उद्यमिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
साथ ही प्रतिभागियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित दूध उत्पादन, डेयरी पशुओं के प्रमुख रोगों (जैसे ब्रुसेलोसिस, थनैला ) की पहचान एवं रोकथाम, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न सरकारी योजनाएं, बैंकिंग सहयोग व ऋण सुविधाएं, वित्तीय योजनाएं, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यमिता विकास तथा स्वरोजगार के अवसरों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं बैंक अधिकारी भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन करेंगे। प्रशिक्षण में भाग के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये निर्धारित किया गया है। हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के पशुपालक एवं इच्छुक प्रतिभागी भी इसमें भाग ले सकते हैं। यह प्रशिक्षण उन सभी पशुपालकों एवं युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो डेयरी को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं।
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Mahendragarh-Narnaul News: व्यावसायिक डेयरी फार्मिंग पर सात दिवसीय प्रशिक्षण 15 से




