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वृद्धावस्था को अकेलेपन की बजाय सुकून में बदलने की प्रेरक मिसाल कनीना की 70 वर्षीय उषा शर्मा पेश कर रही हैं। उन्होंने जीवन में बढ़ते खालीपन को भरने के लिए बगिया को अपना दोस्त बनाया और अब यह बगिया ही उनकी दिनचर्या और खुशियों का केंद्र बन गई है
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Mahendragarh-Narnaul News: जब अकेलापन हुआ हरा, 70 वर्षीय उषा को बगिया ने दी पनहा



