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नारनौल। कृषि भूमि की सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूजर) के मामले में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह बुधवार को नारनौल कोर्ट में पेश नहीं हुए।वहीं एडीजे हर्षाली चौधरी ने उन्हें दो अप्रैल को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिए हैं। इससे पहले वह 10 फरवरी को भी कोर्ट में पेश नहीं हुए थे।
साल 2009 से 2014 तक हुड्डा सरकार में राव नरेंद्र सिंह स्वास्थ्य मंत्री थे। इसी दौरान कृषि भूमि की सीएलयू मामले में साल 2012 में एक स्टिंग ऑपरेशन किया गया था। इसमें कथित तौर पर राव नरेंद्र का 30 से 50 करोड़ रुपये के लेन देन की बातचीत का एक वीडियो वायरल हुआ था।
वहीं इनेलो पार्टी से पूर्व विधायक व मंत्री और वर्तमान में पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा (शिकायतकर्ता) व अभय सिंह चौटाला ने इस मुद्दे को उठाया व कई प्रेसवार्ता की। इसके बाद साल 2016 में केस दर्ज किया गया व एसीबी गुरुग्राम को जांच सौंपी गई।
एसीबी ने जांच के बाद नारनौल के एडीशनल सेशन जज की कोर्ट में चालान पेश किया। मामले में सुनवाई करते हुए 8 जनवरी को प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश पारित किए थे।
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Mahendragarh-Narnaul News: कोर्ट में फिर गैरहाजिर रहे कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र


