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Mohammed Rafi Hit Songs : लीजेंड सिंगर मोहम्मद रफी बहुत ही शरीफ इंसान थे. लता मंगेशकर ने एक बार उनकी तारीफ करते हुए कहा था कि उनके जैसा नेकदिल इंसान नहीं देखा. उनमें कोई व्यवसन नहीं था. राजेश खन्ना की एक हीरोइन तो रफी साहब को 10-10 बार आईलवयू बोलती थी. जब भी वो रिकॉर्डिंग रूम में होते थे, एक्ट्रेस बाहर बैठकर उनका इंतजार करती रहती थीं. रफी साहब अपनी आंखें नीचे झुका लेते थे. इस हीरोइन की फिल्मों के लिए मोहम्मद रफी ने ऐसे 5 सदाबहार गाने गाए हैं, जिन्हें सुनकर आज भी दिल धड़कने लगता है. वो एक्ट्रेस कौन सी है, वो सदाबहार गाने कौन से हैं, आइये जानते हैं…
लीजेंड सिंगर मोहम्मद रफी ने भारतीय सिनेमा को हजारों यादगार गीत दिए. उनका जन्म अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में अमृतसर के पास कोटला सुल्तान सिंह गांव में हुआ था. एक पंजाबी मुस्लिम परिवार में जन्मे रफी साहब ने लाहौर से संगीत की शिक्षा ली. बॉलीवुड के कई नामी एक्टर-एक्ट्रेस उनकी आवाज के दीवाने थे. बॉलीवुड की अपने जमाने की एक एक्ट्रेस तो उन्हें 10-10 बार आईलवयू बोलती थीं. जब मोहम्मद रफी रिकॉर्डिंग के लिए आते थे, तो उनसे सिर्फ एक बार प्यार से देखने की गुजारिश करती थीं. वो एक्ट्रेस कोई और नहीं, बल्कि मुमताज थीं. राजेश खन्ना के साथ उन्होंने दर्जनों हिट फिल्में दी हैं. मुमताज ने अपने एक इंटरव्यू में पूरा किस्सा बताया था.

मोहम्म्द रफी ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें गाने का शौक कैसे लगा. उन्होंने बताया था कि जब वो 10 साल के थे और जिस मोहल्ले में रहते थे, वहां सुबह-सुबह एक फकीर आया करता था, वो गाकर पैसा मांगता था. जब वो गाता था तो रफी साहब को उसकी आवाज इतनी अच्छी लगती थी कि रफी उसका पीछा किया करते थे.

एक्ट्रेस मुमताज ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं मोहम्मद रफी की दीवानी थी, दीवानी हूं और मरते दम तक दीवानी रहूंगी. वो मेरे फेवरेट सिंगर हैं. वो मुझे बहुत अच्छे इंसान लगते थे. बहुत शरीफ थे. मुझे लगता है कि उनके जैसा सिंगर ना था, ना है और ना होगा.’
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मुमताज ने अपने एक और इंटरव्यू में बताया था, ‘मैं मोहम्मद रफी को बहुत तंग करती थी. जब वो सॉन्ग रिकॉर्ड किया करते थे तो रिकॉर्डिंग रूम के बाहर जाकर बैठ जाती थी. सिंगर माइक के साथ अलग खड़े होते थे. फिर उन्हें देखकर मैं कहा करती थी कि रफी साहब जरा इधर देखिए ना. वो एक बार में नहीं देखते थे. फिर मैं कहती थी कि रफी साहब प्लीज एक बार मेरी तरफ देखिए ना. आई लव यू बोलती थी तो वो अपनी आंखें नीचे कर लेते थे. फिर कहती थी कि रफी साहब मुमताज बोल रही हूं, आई लव यू. फिर कहते ‘मुझे गाना याद करना है’.

राजेश खन्ना के साथ दर्जनभर हिट फिल्म देने वालीं मुमताज ने बताया, ‘मैं जवाब में कहती थी कि आप गाना याद कीजिए, मैं कब मना किया है. तो वो शुक्रिया बोलते थे. इतना शरीफ इंसान मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा है. वो दावे के कह सकती हूं कि वो अपनी पत्नी के सिवा किसी की ओर नहीं देखते थे. मैं बहुत तंग करती थी.’

अपने समय की सबसे सक्सेसफुल एक्ट्रेस में से एक मुमताज ने ‘दो रास्ते’ ‘बंधन,’ ‘आदमी और इंसान,’ ‘सच्चा झूठा,’ ‘खिलौना,’ ‘तेरे मेरे सपने,’ ‘हरे राम हरे कृष्णा,’ ‘अपना देश,’ ‘लोफर,’ ‘चोर मचाए शोर’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपनी अदाकारी का जलवा दिखाया. इन फिल्मों के गाने भी बहुत पॉप्युलर हुए.

मोहम्मद रफी ने इनकी फिल्मों में चार ऐसे गाने जो अमर हो गए. इन गानों में ‘दो रास्ते’ फिल्म का सॉन्ग ‘छुप गए सारे नजारे’ को कोई कैसे भुला सकता है. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत से सजे इस गाने को मोहम्मद रफी-लता मंगेशकर ने गाया था. आनंद बख्शी ने गीत लिखा था. फिल्म सुपरहिट रही.
दो रास्ते फिल्म का एक और गाना आज भीउतना ही पॉप्युलर है जिसे मोहम्मद रफी ने आवाज दी थी. इस गाने के बोल थे : ‘ये रेश्मी जुल्फें, ये शरबती आखें’.

मुमताज-राजेश खन्ना की एक और फिल्म सच्चा-झूठा का एक पॉप्युलर गाना ‘यूं ही तुम मुझसे बात करती हो, क्या कोई प्यार का इरादा है’ आज भी सुनते ही दिल के तार छेड़ देता है. 1970 में रिलीज हुई इस फिल्म का म्यूजिक कल्याण जी आनंद जी ने कंपोज किया था. इसी तरह शम्मी कपूर-मुमताज स्टारर फिल्म ‘ब्रह्मचारी’ का एक लव सॉन्ग आज भी विज्ञापनों-शादी-पार्टी फंक्शन में सुनाई देता है. गाने के बोल ‘आज कल तेरे मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर’ थे. मोहम्मद रफी की आवाज में यह गाना रूह में समा जाता है.

मुमताज की एक और फिल्म 1970 में ‘खिलौना’ रिलीज हुई थी. चंदर वोहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. गीतकार आनंद बख्शी थे. इस फिल्म का एक गाना ‘खुश रहे तू सदा, तू जहां भी रहे’ मोहम्मद रफी ने गाया था. यह गाना अमर हो गया. संजीव कुमार-जीतेंद्र मूवी भी हिट रही थी. मुमताज ने फिरोज खान और शम्मी कपूर को सबसे खूबसूरत हीरो बताया था. उन्होंने कहा था कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री में इन दोनों से ज्यादा कोई हीरो खूबसूरत नहीं लगा. मुमताज ने कहा था, ‘बहुत से हीरो खूबसूरत होंगे लेकिन मैं उनकी तरफ आकर्षित नहीं हुई. जब मैं फिल्मों में आई तब दो ही पर्सनैलिटी थीं. ऐसा नहीं था कि दूसरे हीरो अच्छे नहीं थे. दत्त साहब बहुत अच्छे इंसान थे. फिजिकल अट्रैक्शन मुझे सिर्फ इन दोनों हीरो से लगती थी.’
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