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एक्टिंग की दुनिया में ‘सनम तेरी कसम’ से डेब्यू करने वाले अभिनेता हर्षवर्धन राणे की डेब्यू फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई थी. लेकिन जब उनकी फिल्म री-रिलीज हुई तो हिट साबित हुई थी. फिर , ‘एक दीवाने की दीवानीयत’ में भी उनके काम को पसंद किया गया . बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड से आए हर्षवर्धन ने अपनी एक्टिंग दम पर अलग पहचान बनाई है. काफी संघर्ष के बाद वह इस मुकाम पर पहुंचे हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में अपनी अपनी रफ-टफ पर्सनैलिटी के लिए पहचाने जाने वाले हर्षवर्धन राणे आज किसी परिचय के मोहताज नहीं है. उनकी दमदार एक्टिंग और संघर्ष का नतीजा है कि आज वह इस मुकाम पर हैं. एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले ने उनके पास पैसा था, ना कोई पहचान और ना ही कोई गॉडफादर.

हर्षवर्धन ने महज 16 साल की उम्र में जेब में सिर्फ 200 रुपये लेकर अपना घर छोड़ दिया था. बस साथ था तो कुछ बनने और लाइफ में कुछ कर दिखाने का जज्बा बिना की प्लान के उन्होंने दिल्ली जाने वाली पहली सस्ती ट्रेन पकड़ी.इसके बाद ही उनके असली संघर्ष की शुरुआत हुई.

हर्षवर्धन की मां तेलुगु और पिता मराठी हैं. ज्यादा पढ़े लिखे न होने की वजह से उन्होंने हर तरह का काम किया. पहली बार उन्होंने एक STD बूथ पर काम किया था, जहां उन्हें 10 रुपये रोज मिलते थे. फिर साइबर कैफे, कभी वेटर तो कभी कूरियर का काम करने लगे.
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टीवी से उन्होंने अपने एक्टिंग करियर में एंट्री ली. पॉपुलर शो लेफ्ट राइट लेफ्ट के दूसरे सीजन में वह नजर आए थे. इस शो से उन्होंने काफी कुछ सीखा. फिर साल 2010 में उन्होंने तेलुगु फिल्म ठकिता ठकिता से फिल्मी दुनिया में एंट्री ली.

एक्टिंग में आने के बाद उन्होंने कुछ छोटे-छोटे रोल किए और जेनिलिया डिसूजा और नयनतारा जैसी एक्ट्रेसेस के साथ काम किया. साल 2016 में उन्होंने पहली लीड हीरो वाली फिल्म मिली. इस फिल्म से ही उन्हें बड़ी पहचान मिली.

फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ को लेकर अभिनेता ने बताया था कि मैंने फिल्म के लिए ऑडिशन दिया था. मेकर्स ने उनका ऑडिशन देखा और एक घंटे बाद उन्हें दोबारा ऑडिशन देने को कहा. दूसरी बार सीन करने पर डायरेक्टर इमोशनल हो गए. जबकि, यह फिल्म दूसरे एक्टर को ऑफर हो चुकी थी. मैं समझ गया था कि उन्हें मेरा काम पसंद आया.

फिल्म ‘सनम तेरी कसम’ का निर्देशन राधिका राव और विनय सप्रू ने मिलकर किया, जो बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत में कमजोर रही, लेकिन बाद में री-रिलीज से सुपरहिट हो गई. साल 2025 में इसकी री-रिलीज ने इसे ब्लॉकबस्टर बना दिया. इस फिल्म के बाद वह रातोंरात स्टार बन गए थे.

बता दें कि हर्षवर्धन ने अपने इंटरव्यू में खुलासा किया था कि उन्होंने संजय लीला भंसाली की फिल्म गोलियों की रासलीला राम-लीला का ऑफर रिजेक्ट कर दिया था. उन्होंने कहा कि फिल्म में उन्हें निगेटिव रोल मिला था, जिसे वह निभाना नहीं चाहते थे.
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जेब में 200 रुपये लेकर छोड़ा था घर, पहली ही फिल्म से एक्टर बना स्टार, रिजेक्ट कर चुका संजय लीला भंसाली की फिल्म




