Kurukshetra News: स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर निजी अस्पताल संचालक हड़ताल पर उतरे Latest Haryana News

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कुरुक्षेत्र। चिकित्सकों की हड़ताल के चलते निजी अस्पताल की ओपीडी में छाया सूनापन। संवाद

कुरुक्षेत्र। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से जुड़े निजी अस्पताल संचालक शनिवार को कामकाज ठप कर हड़ताल पर रहे। हड़ताल की वजह से अस्पतालों में ओपीडी, इमरजेंसी समेत सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बंद रहीं। इस कारण अस्पतालों में उपचार कराने आए मरीज परेशान रहे।

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आईएमए के आह्वान पर करीब 60 अस्पतालों के चिकित्सकों ने कामकाज बंद रखा। इसका असर भी स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिला। इससे इन अस्पतालों में 15 हजार से अधिक नई ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। वहीं एक हजार से ज्यादा ऑपरेशन टाल दिए गए। इसके अलावा इमरजेंसी सेवा भी ठप पड़ी रहीं। लोगों को बगैर उपचार के ही लौटना पड़ा। इस कारण लोग भी सरकार के खिलाफ रोष जताने में पीछे नहीं रहे।

उधर, नेशनल हेल्थ मिशन एनएचएम के तहत कार्यरत कर्मी 22 दिन बाद अपने काम पर लौटे। इससे पहले सभी कर्मी सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना स्थल पर एकत्रित हुए। यहां से एकमत होकर कर्मी अपनी ड्यूटी पर चले गए, जिससे ठप पड़ी सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं बहाल हो गई। हालांकि कर्मी नई सरकार के गठन के बाद हड़ताल करने पर कोई निर्णय लेंगे। उनके काम पर लौटने से टीकाकरण, मानसिक स्वास्थ्य, स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीबी जांच व दवा वितरण, एंबुलेंस समेत 11 सेवाएं आरंभ हो गई।

पत्रकार वार्ता में आईएमए के जिला प्रधान डॉ. ऋषिपाल गुप्ता ने बताया कि पं. बंगाल के कोलकाता में प्रशिक्षु महिला चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद हत्या के विरोध में आईएमए के आह्वान पर शनिवार सुबह छह बजे से अगली सुबह छह बजे तक हड़ताल का निर्णय लिया था। इस दौरान अस्पताल में ओपीडी, इमरजेंसी से लेकर सभी तरह की सेवाएं बंद रहेंगी। हालांकि अस्पताल में पहले से भर्ती मरीज का उपचार चलता रहेगा।

बनाया जाए सुरक्षा कानून

डॉ. ऋषिपाल गुप्ता ने बताया कि इस घटना ने पूरे चिकित्सा जगत को झकझोर कर रख दिया है। सभी चिकित्सक सरकार से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो। उनकी मांग है कि दिवंगत चिकित्सक को जल्द न्याय दिया जाए। आश्रित परिवार को सम्मानजनक मुआवजा व पर्याप्त सुविधाएं दी जाएं। केंद्र सरकार अस्पताल और चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए। रेजिडेंट चिकित्सकों की कार्य स्थिति में सुधार किया जाए।

नई सरकार के गठन के बाद लेंगे फैसला

एनएचएम के तहत कार्यरत डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आचार संहिता लागू के कारण उन्होंने अपनी हड़ताल वापस ली है। चुनाव में नई सरकार के गठन के बाद उनकी मांग को दोबारा सरकार के समक्ष रखा जाएगा। उधर, सीएम नायब सैनी ने राज्य कार्यकारिणी को आश्वासन दिया है कि प्रधान सचिव की अगुवाई में एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी चुनाव आयोग के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अगर आयोग से उनके पक्ष में फैसला आया तो उसे लागू किया जाएगा।

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Kurukshetra News: स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर निजी अस्पताल संचालक हड़ताल पर उतरे