Kurukshetra News: वैश्विक समस्या बन चुका मोटापा, जांच में 145 में से 70 मिले ग्रसित Latest Haryana News

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कुरुक्षेत्र। एलोपैथिक दवाओं के बेतहाशा इस्तेमाल और उनके दुष्प्रभावों से बचाने के लिए आयुर्वेदिक पद्धति कारगर साबित हो रही है। इसी दिशा में आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान ने गंभीर बीमारियों से आमजन को बचाने का प्रयास शुरू किया है। मोटापे की वैश्विक समस्या को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में शहरवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

संस्थान के काय चिकित्सा विभाग ने आयुर्वेदिक अस्पताल के ओपीडी-56 में नि:शुल्क जांच शिविर लगाया। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नेहा लांबा ने बताया कि 145 मरीजों की जांच में 70 मरीज मोटापे की समस्या से ग्रसित पाए गए। कुलपति प्रो. करतार सिंह धीमान ने स्थौल्य (मोटापा) पर शोध कर रही पीजी छात्रा डॉ. निशा से बातचीत कर औषधियों से रोगियों को मिलने वाले लाभ के बारे में जानकारी ली। साथ ही जांचकर्ता टीम से शिविर बारे फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग और प्राकृतिक उपचार के माध्यम से मोटापे को नियंत्रित करने के प्रभावी उपाय बताए गए हैं। आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष मेहता, आयुर्वेदिक अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजा सिंगला, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेंद्र सिंह सहरावत, काय चिकित्सा विभाग की अध्यक्ष प्रो. नीलम, डॉ. प्रीति गहलावत व डॉ. विवेक राणा मौजूद रहे।

50 रोगियों में मिली ऑस्टियोपीनिया की शिकायत

शल्य तंत्र विभाग की ओर से हड्डियों की जांच (बीएमडी) के लिए लगाए शिविर में विशेषज्ञों ने 90 से अधिक रोगियों की जांच की। जांच में लगभग 50 रोगी ऑस्टियोपीनिया (हड्डियों की प्रारंभिक कमजोरी) से पीड़ित और 36 रोगियों की रिपोर्ट सामान्य आई। 2 से 3 रोगियों में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की गंभीर कमजोरी) की पुष्टि हुई। समस्या का कारण कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, कम शारीरिक गतिविधि, बढ़ती उम्र, असंतुलित आहार और हार्मोनल बदलाव बताए गए। आयुर्वेद में हड्डियों को अस्थि धातु कहा गया है। अस्थि धातु को पोषण देने वाले औषध योग जैसे लाक्षादि गुग्गुलु, हड़जोड़ (अस्थि संहारक), प्रवाल पिष्टि और गोडंती भस्म का उपयोग चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार किया जा सकता है। नियमित धूप लेना, कैल्शियम युक्त आहार जैसे दूध, तिल, हरी सब्जियां और बादाम का सेवन करना व हल्का व्यायाम और योग से हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।

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Kurukshetra News: वैश्विक समस्या बन चुका मोटापा, जांच में 145 में से 70 मिले ग्रसित