Kurukshetra News: ठंड से बचाव में सावधानी जरूरी, हीटर और अंगीठी से दम घुटने का खतरा Latest Haryana News

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कुरुक्षेत्र। ठंड से बचने के लएलोगघों में हीटर, अंगीठी, लकड़ी और कोयलेका सहारा ले रहे हैं।हालांकि विशेषजञोंक हना हैकिठडसे बचा मंथोड़ी सीलापरवाी जानलेवा साबित हो सकती है। खासौरपरबंद कमरंमेंआगजलाकर यागलत तीके से हीटरइस्तेमाल करेसेदम घुटने और जान जाने ा खरा बढ़जाता है। ऐसे मामले असर देखने मेंभी आते हैं।मंगवार को कुरुक्षे्र में ऐसा हीएकमामला ामने आय,जहां बंद कमरे मेंकोयला जलकरसोने सेपाचलोगों की मौत हो गई।

ऑक्सीजन की कमी के कारण बढ़ती है हार्ट रेट

जिला अस्पताल के चेस्ट एंडी टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव चावला बताते हैं कि ठंड के मौसम में होने वाली ऐसी घटनाओं की सबसे बड़ी वजह घबराहट और ऑक्सीजन की कमी है। जब किसी बंद जगह में जहरीली गैसें जमा होने लगती हैं तो व्यक्ति को बेचैनी होने लगती है। इस घबराहट की स्थिति में रेस्पिरेटरी रेट और हार्ट रेट अचानक तेज हो जाते हैं, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

कोमा जैसी स्थिति में चला जाता है इंसान : डॉ. नरेंद्र परुथी

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नरेंद्र परूथी ने बताया कि बंद कमरे में लकड़ी, कोयला या अंगीठी जलाने से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड जब शरीर में प्रवेश करती है यह जानलेवा हो सकती है। शुरुआत में व्यक्ति को सिर दर्द, चक्कर और घबराहट महसूस होती है। ऑक्सीजन की कमी के कारण व्यक्ति बेहोश हो सकता है। ऐसे में व्यक्ति विशेष घर व कमरे से बाहर निकल जाए। डॉ. परुथी ने कहा कि जब व्यक्ति गहरी नींद में होता है तो उसे पता ही नहीं चलता कब उसका दम घुट जाता है। इसलिए ठंड में विशेष सावधानी जरूरी है।

अंगीठी जलाने से निकलती है कार्बन मोनोऑक्साइड गैस

लकड़ी, कोयला या अंगीठी जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं। इनमें कार्बन मोनोऑक्साइड सबसे ज्यादा खतरनाक मानी जाती है, यह बिना गंध की होती है और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता। गैस के शरीर में जाने पर खून में ऑक्सीजन की मात्रा को तेजी से कम कर देती है।

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Kurukshetra News: ठंड से बचाव में सावधानी जरूरी, हीटर और अंगीठी से दम घुटने का खतरा