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कुरुक्षेत्र। किसान अपनी मांगों के लिए फिर से लामबंद होने लगे हैं। इसके लिए ही मंगलवार को चार राज्यों के किसान जाट धर्मशाला में जुटे। किसानों की मांगों व सरकार की नीतियों पर गहन मंथन किया गया। दो दिवसीय इस बैठक में किसान मजदूर संगठनों से जुड़े हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और तमिलनाडू के भी किसान नेता शामिल हुए। पहले दिन तय किया गया कि सरकार से ट्रेड डील व किसानों की अन्य मांगों को पूरा करवाने व किसान व कृषि को बचाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा। इसके लिए पहले कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षित किया जाएगा तो फिर गांव-गांव जाकर कनवेंशन की जाएंगी। हर मुद्दे पर कार्यकर्ताओं से लेकर किसानों को भी विस्तार से अवगत कराया जाएगा।
किसान नेता श्रवण सिंह पंघेर, महाबीर सिंह व अमरजीत मोहड़ी सहित अन्य किसान नेताओं की मौजूदगी में पहले दिन केंद्र सरकार की ओर से अमेरिका के साथ की जा रही ट्रेड डील, नई बीज नीति सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई। वहीं दूसरे दिन बुधवार को भी यह बैठक जारी रहेगी।
पहले दिन बैठक के बाद किसान नेताओं ने बताया कि सरकार किसान व मजदूर वर्ग को तबाह करने में लगी है लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। पहले से भी बड़े स्तर पर आंदोलन चलाने के लिए किसान तैयार हैं। किसान बचेगा तो देश बच पाएगा। सरकार को किसी भी स्तर पर किसान व कृषि विरोधी ट्रेड डील जैसी नीतियों को नहीं लागू होने दिया जाएगा। वहीं बैठक में विभिन्न राज्यों के अनुसार किसानों के मुद्दों पर भी चर्चा की जा रही है।
बैठक में दूसरे दिन बुधवार को अहम फैसले लिए जाएंगे और आंदोलन के लिए पूरी रूपरेखा भी तय की जाएगी। भाकियू शहीद भगत सिंह के अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि पहले भी तीन दिन तक किसान मुख्यमंत्री आवास पर मोर्चा लगा चुके हैं और उस समय की मांगें भी आज तक ज्यों की त्यों पड़ी है। अब राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन की तैयारी की जा रही है जिसके लिए ही अलग-अलग राज्यों में बैठकें की जा रही हैं। जनवरी माह में ही राजस्थान में भी ऐसी ही बैठक कर चिंतन किया गया था।
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Kurukshetra News: जाट धर्मशाला में जुटे विभिन्न राज्यों के किसान, आंदोलन की रणनीति पर किया मंथन




