Kurukshetra News: कमजोर वर्ग के होनहारों के सपनों को पंख लंगाएंगे पूर्व छात्र, दो करोड़ जुटाए पांच का लक्ष्य Latest Haryana News

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कुरुक्षेत्र। अब कमजोर वर्ग के होनहार छात्र भी अपने सपनों को पंख लगा सकेंगे। उन्हें श्रीमदभगवद्गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जैसे संस्थान में डे बोर्डिंग बच्चों की तर्ज पर पढ़ाई करने का मौका मिल पाएगा। न केवल उनकी पढ़ाई फ्री होगी बल्कि रहने से लेकर खाने-पीने तक पर भी कोई खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा।

इसके लिए विद्यालय के ही पूर्व छात्रों ने बीड़ा उठाया है। पांच करोड़ की रकम जुटाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें से दो करोड़ रुपये एकत्रित भी किए जा चुके हैं। ये पूर्व छात्र यह रकम अपने स्तर पर ही जुटा रहे हैं, ताकि इन बच्चों के लिए बेहतर व्यवस्था देकर उन्हें देश व समाज सेवा के लिए तैयार किया जा सके। इन विद्यालय के इन पूर्व छात्रों में अनेक वर्तमान व सेवानिवृत्त आईएएस से लेकर विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, न्यायाधीश, कारोबारी, इंजीनियर व राजनीतिज्ञ तक शामिल हैं। विद्या भारती के अंतर्गत पूर्व छात्रों का संगठन सबसे बड़ा माना जा रहा है। पोर्टल पर ही करीब 10 लाख 60 हजार पूर्व विद्यार्थी जुड़े हैं। यह विद्यालय भी विद्या भारती के अंतर्गत ही चलाया जा रहा है। विद्यालय के ही पूर्व छात्र 92 देशों तक फैले हैं। इन पूर्व छात्रों ने कमजोर वर्ग के होनहार छात्रों को बेहतर पढ़ाई की व्यवस्था करवाने के लिए विशेष बैंक खाता तक खोला है जिसमें रकम जमा की जा रही है।

ये भी विद्यालय के पूर्व छात्र

हाल ही में सेवानिवृत्त हुए प्रदेश सरकार के उप मुख्य सचिव रोशन लाल सैनी, गुजरात में तैनात आईएएस कुलदीप आर्य, सेवानिवृत्त आईएएस वीरेंद्र अरोड़ा, आईएएस सुशील कुमार, 12 पेटेंट ले चुके यूएसए में कारोबारी सुधीर अग्रवाल, राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय के निदेशक करनैल सिंह, डीयू कुलपति योगेश सिंह, केंद्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ आरके मित्तल, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद के कुलपति आरपी सैनी, फोरन लैंग्वेज यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. रजनी अरोड़ा के अलावा पांच राज्यों के डीजीपी रैंक के अधिकारी व कई सत्तासीन व विपक्ष में सक्रिय राजनीतिज्ञ भी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं।

प्रधानाचार्य रहे दीनानाथ बत्रा की 96वीं जयंती पर एकजुट होंगे पूर्व छात्र : रोशा

विद्यालय प्रबंधन समिति के वरिष्ठ उप प्रधान अशोक रोशा बताते हैं कि 1964 से 1991 तक दीना नाथ बत्रा विद्यालय के प्राचार्य के तौर पर अपनी सेवाएं देते रहे। उनकी 96वीं जयंती पर 5 मार्च को विद्यालय परिसर में बेहद खास कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पूर्व छात्र एकजुट होंगे। इनकी ओर से ही विद्यालय परिसर में नक्षत्र वाटिका बनाई जाएगी और दीनानाथ बत्रा की ओर से लिखी गई पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। यही नहीं उनके जीवन पर बनाई गई लघु फिल्म भी दिखाई जाएगी। इस कार्यक्रम के लिए उत्साह बना हुआ है। रोशा के मुताबिक लाहौर में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले दीनानाथ बत्रा ने यहां जेल तक की यातनाएं झेलीं लेकिन वे अपने लक्ष्य पर अडीग रहे और उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार भी मिला। वे 1964 में डेरा बस्सी के डीएवी स्कूल में आचार्य का पद छोड़ यहां आए थे, इस स्कूल को संभाला था। उनके समर्पण के कारण ही अनेक अवार्ड से समय-समय पर नवाजा गया। रोशा के मुताबिक आज समिति प्रधान महेंद्र सिंगला के नेतृत्व में विद्यालय बेहतरी दिशा में चलते हुए छात्रों के समुचित विकास में लगा है।

कुरुक्षेत्र। एसएमबी गीता वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद

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Kurukshetra News: कमजोर वर्ग के होनहारों के सपनों को पंख लंगाएंगे पूर्व छात्र, दो करोड़ जुटाए पांच का लक्ष्य