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कुरुक्षेत्र। एमएससी मैथेमेटिक्स विषय में जिलेभर से महज आठ दाखिले हुए हैं और अन्य कोर्सों में भी 40 से 50 प्रतिशत सीटें रिक्त हैं। ये आंकड़ा हर किसी को चिंतित कर रहा है कि आखिर विद्यार्थियों का रुझान पीजी कोर्सों में खासतौर पर एमएससी मैथेमेटिक्स विषय में इतना कम कैसे हो सकता है। इसे लेकर महाविद्यालयों के सदस्य चिंतन कर रहे हैं कि भविष्य में इसके क्या परिणाम होंगे।
महाविद्यालयों में उपलब्ध सीटें खाली रह जाने पर निदेशालय की ओर से पहले भी दाखिला आवेदन तिथि को बढ़ाया गया है लेकिन दाखिले का आंकड़ा जस का तस है। ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों के महाविद्यालयों की स्थिति यह है कि एक आध कोर्स को छोड़कर किसी भी कोर्स में 50 प्रतिशत से अधिक दाखिले नहीं हुए हैं। डीएवी कॉलेज पिहोवा में एमएससी मैथेमेटिक्स की 50 सीटों पर एक भी दाखिला नहीं हुआ है और भगवान परशुराम कॉलेज में भी एमएससी मैथेमेटिक्स की 60 सीटाें पर जीरो दाखिला हुआ है। आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद में एमएससी मैथेमेटिक्स की 50 सीटों पर एक भी दाखिला नहीं हुआ है। जबकि राजकीय कन्या महाविद्यालय पलवल में एमएससी मैथेमेटिक्स की 40 सीटों पर महज आठ दाखिले हुए हैं।
जिलेभर के अन्य कोर्सेज में भी दाखिले की स्थिति ठीक नहीं है। ऐसे में साफ है कि विद्यार्थियों का पीजी कोर्सेज की ओर बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है। डीएवी कॉलेज पिहोवा में एमए अंग्रेजी की 40 सीटों पर 15, और एमकाॅम की 50 सीटों पर महज 10 सीटें दाखिले हुए हैं। वहीं राजकीय कन्या महाविद्यालय पलवल में एमए हिस्ट्री की 60 सीटों पर 12, एमकाॅम की 60 सीटों पर 18 और एमए हिंदी की 60 सीट पर महज 19 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। जबकि दयानंद महिला महाविद्यालय में एमए अंग्रेजी की 40 सीटों पर 19, एमकाम की 60 सीट 29 दाखिले हुए हैं।
सेठ नवरंग राय लाेहिया जय राम कन्या महाविद्यालय में एमकाॅम की 30 सीटों पर 14, एमए अंग्रेजी की 40 सीटों पर 19 और एकमात्र एमए योगा की 33 सीटों पर उपलब्ध सीटों पर तीन दाखिले अधिक हुए हैं। भगवान परशुराम कॉलेज के एमकाम की 60 सीटों पर 18 दाखिले हुए है तो वहीं आर्य कन्या महाविद्यालय शाहाबाद में एमए इकोनॉमिक्स की 30 सीटों पर जीरो, एमएससी कंप्यूटर साइंस की 30 सीटाें पर जीरो , एमकाम की 60 सीटों पर 25 और एमए फाइन आर्ट्स की 15 सीटों पर पांच दाखिले हुए हैं।
गणित विशेषज्ञ प्रोफेसर एसके संधू ने भी जताई चिंता
भगवान परशुराम कॉलेज के गणित विषय के प्रो. एसके संधू ने भी दाखिलों के आंकड़ों में गिरावट काे लेकर चिंता जताई और कहा कि विद्यार्थियों को गणित विषय की महत्ता के बारे में बताया जाना जरूरी है। शिक्षकों को भी चाहिए कि इस विषय को स्कूली स्तर पर रुचि से पढ़ाया जाए ताकि विद्यार्थी उत्साह के साथ पढ़ें। महाविद्यालय स्तर पर भी समय-समय पर सेमिनार कराए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों का गणित विषय के साथ जुड़ाव बना रहे।
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Kurukshetra News: एमएससी मैथेमेटिक्स विषय में जिले से हुए महज आठ दाखिले



