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– रोहतक और झज्जर में हादसे के बाद उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। राजकीय सीसे स्कूल अहर में बाॅस्केटबॉल के पोल को हटा दिया है। यह पोल तिरछा हो गया था। ऐसे में हादसा होने का डर बना था। वहीं खेल विभाग और शिक्षा विभाग ने भी अधिकारियों से जर्जर पोल की रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन ने रोहतक के लाखन माजरा और झज्जर के बहादुरगढ़ में हुए हादसों के बाद यह मामला उठाया है।
अहर गांव के कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। ऐसे में स्कूल में भी बॉस्केटबॉल की मांग है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बॉस्केटबॉल का मैदान बनाया गया है। खेल के मैदान का पोल तिरछा हो गया था। प्रधानाध्यापक संजीव रोहिला की देखरेख में मैदान से बॉस्केटबॉल का पोल हटा दिया। राजकीय सीसे स्कूल इसराना से भी पोल हटाने की सूचना है। खंड शिक्षा अधिकारी अनीता गर्ग ने बताया कि स्कूलों में भवन और मैदान समेत अन्य रिपोर्ट हर महीने ली जाती है। स्कूल के मैदान पर जर्जर पोल बदले हटाए जाएंगे।
स्कूल व स्टेडियम में जर्जर पोल हटाने के लिए शिक्षा विभाग और खेल विभाग सख्त हो गए हैं। जिला खेल अधिकारी धुरेंद्र हुड्डा ने बताया कि शिवाजी स्टेडियम और सिवाह स्टेडियम में पोल की स्थिति सही है। बाकी की रिपोर्ट मांगी गई है। किसी भी स्टेडियम या नर्सरी में जर्जर पोल या उपकरण का प्रयोग मिलने पर कोच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने बताया कि स्कूलों में खेल के मैदान हैं। सभी खंड शिक्षा अधिकारी से उनके अंतर्गत आने वाले स्कूलों के मैदान की रिपोर्ट ली है।
सिवाह गांव स्थित स्टेडियम में लगा पोल। संवाद
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Kurukshetra News: सरकारी स्कूल से हटाया बॉस्केटबॉल मैदान का जर्जर पोल



