Kurukshetra: मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज विवाद, रघुजीत विर्क व बलदेव कायमपुरा ने योजनाबद्व तरीके से किया हमला Latest Haryana News

[ad_1]

मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज शाहाबाद में सेवा संभाल को लेकर शुक्रवार को हुआ विवाद थमने की बजाए गहरा गया है। आज शनिवार को जहां  हरियाणा कमेटी के नामित सदस्य बलजीत सिंह दादूवाल व हरियाणा कमेटी के जुड़े कुछ पदाधिकारी एवं सदस्य तथा समर्थक शाहाबाद मंजी साहिब गुरुद्वारा में एकत्रित हुए तो वहीं एसपी नीतिश अग्रवाल से मिलने भी पहुंचे, जहां उन्होंने एसजीपीसी समर्थक रघुजीत सिंह विर्क, बलदेव सिंह कायमपुरा सहित उनके आरोपी समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हरियाणा कमेटी के उपाध्यक्ष सरदार गुरबीर सिंह तलाकौर की ओर से पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी गई तो वहीं बाद में साथ में आए दादूवाल ने कहा कि शुक्रवार को वे संस्थान के धरने पर बैठे कर्मियों से मिलने गए थ्ज्ञे और वहां सीईओ से शांतिपूर्ण बातचीत चल रही थी। इसी दौरान ही रघुजीत सिंह विर्क व बलदेव सिंह कैमपुरिया 70 से 80 हथियारबद्व समर्थकों के साथ पहुंचे और हमला कर दिया। 

गुरबीर सिंह ने बताया कि उन पर बंदूक भी तानी गई तो वहीं इस दौरान तलवारें भी लहराई गई। आरोपियों ने उनकी पगड़ी उतार दी और मेरी कमरबंद खींची, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। इसके साथ ही संस्थान से बलपूर्वक बाहर निकाल दिया तो वहीं जान से मारने की धमकी भी दी गई। वहीं इस दौरान दादूवाल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने उन्हें आरोपियों पर जल्द कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

हरियाणा कमेटी के सभी सदस्य एकजुट होकर बादल परिवार से मेडिकल संस्थान को छुड़वाएं

बलजीत सिंह दादूवाल ने पत्रकाराें से चर्चा में कहा कि भले ही हरियाणा कमेटी के सदस्यों में कुछ वैचारिक मतभेद हो लेकिन एकजुट होकर इस संस्थान को बादल परिवार के कब्जे से छुड़वाएं और बेहतर तरीके से प्रबंधन शुरू करें।

हर स्तर पर प्रबंध लेने के लिए किए जा रहे प्रयास

दादूवाल ने कहा कि इस संस्थान पर प्रबंधन संभालने के लिए हर कानूनी तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। डॉक्टरों के बोर्ड पर अदालत का स्टे है जबकि इस संस्थान का प्रबंधन संभालने को लेकर कोई स्टे नहीं है। 

बादल परिवार मेडिकल संस्थान को लूटने में लगा

दादूवाल ने कहा कि बादल परिवार ने हरियाणा की संस्था पर कब्जा किया हुआ है। इसी संस्थान की आड़ में करोड़ों रुपये का लोन लेकर बादल परिवार ही हजम कर रहा है। हरियाणा के संस्थान है  तो सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हरियाणा कमेटी को ही मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी इसी संस्थान पर हर साल आठ करोड़ रुपये घाटे के चलते खर्च करने का दावा कर रही है लेकिन इतना घाटा है तो इसे छोड़ क्यों नहीं रही जबकि यह संस्थान कानूनी तौर पर हरियाणा कमेटी की संस्था है।

[ad_2]
Kurukshetra: मीरी पीरी मेडिकल कॉलेज विवाद, रघुजीत विर्क व बलदेव कायमपुरा ने योजनाबद्व तरीके से किया हमला