Karnal News: 12 साल में शुरू किया सफर, समस्याएं राह से हटा नहीं पाईं Latest Haryana News

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करनाल। क्रिकेट के मैदान पर अपने जुनून और हिम्मत से पहचान बनाने वालीं भारतीय महिला अंडर-19 टीम की खिलाड़ी सौम्या तिवारी सोमवार को करनाल में थीं। क्रिकेट अकादमी ऑफ नरवाल में सौम्या ने खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करते हुए अपने संघर्ष और सफलता की कहानी साझा की। कहा कि सफर में समस्याएं आईं लेकिन उन्हें राह से डिगा नहीं पाईं।

उन्होंने बताया कि महज 12 साल की उम्र में उनका क्रिकेट का सफर शुरू हुआ था। बाल छोटे थे। लड़कों के साथ खेलतीं। हालांकि कुछ समय बाद साथ खेलने वाले खिलाड़ियों को पता चल गया। लड़की होने पर उन्होंने साथ में खेलना बंद कर दिया। परेशानी हुई लेकिन उन्होंने अभ्यास करना जारी रखा। अकेले ही अभ्यास करती। बाद में इस समस्या का समाधान हो गया।

सौम्या ने बताया कि अभ्यास के दौरान उन्हें छेड़खानी जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा लेकिन हार नहीं मानी। अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखा। पिता मनीष तिवारी हमेशा उनके साथ खड़े रहे। पिता भी क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं। क्रिकेट में वही प्रेरणास्रोत हैं। माता भारती तिवारी ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया। संवाद

2016 से सफर शुरु कर वर्ष 2025 में बनी कप्तान

सौम्या ने वर्ष 2016 में पहली बार बैट उठाया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। मध्यप्रदेश टीम में चयन के बाद उन्होंने वर्ष 2025 में टीम की कप्तानी संभाली। शानदार प्रदर्शन के दम पर उनका चयन वर्ष 2023 में भारतीय महिला अंडर-19 टीम में हुआ, जहां उन्होंने देश को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई।

विराट कोहली को मानती है अपना आदर्श

सौम्या अपने आदर्श के रूप में भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली को मानती हैं। उनका सपना है कि वह जल्द ही सीनियर भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनें और देश के लिए बड़े स्तर पर प्रदर्शन करें। इसके लिए वह निरंतर अभ्यास कर रही है और हर दिशा में शॉट लगाने का भी अभ्यास करती हैं।

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