Karnal News: स्वतंत्रता दिवस की फीकी रहेगी मिठास, बजट दोगुना पर अधूरे इंतजाम Latest Haryana News

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– स्कूल प्रबंधन चिंतित, एक हजार रुपये में कैसे करें प्रदर्शनी, अतिथियों का सत्कार, मेधावियों का सम्मान और पौधों की व्यवस्था

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– पहली बार स्कूल का बजट 500 रुपये बढ़ाया फिर भी निर्देशों में लड्डू बांटने का जिक्र नहीं

गगन तलवार

करनाल। आजादी का अमृत महोत्सव मनाने के बाद पहली बार राजकीय स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस की मिठास फीकी रहेगी। क्योंकि स्कूलों में होने वाले समारोह के लिए विभाग की ओर से जारी निर्देशों में बच्चों को लड्डू बांटने का जिक्र नहीं है।

बल्कि पिछली बार से दोगुना बजट जारी करते हुए स्कूल की उपलब्धियों का बखान करने के लिए प्रदर्शनी लगाने सहित अन्य निर्देश जारी हुए हैं लेकिन दोगुनी राशि के बाद भी इंतजाम अधूरे हैं और स्कूल प्रबंधन कार्यक्रम को लेकर चिंता में नजर आ रहे हैं।

विभाग की ओर से स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए पहली बार 500 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये का बजट प्रत्येक स्कूल को जारी किया गया है। इस राशि को स्कूलों में ध्वजारोहण समारोह, अतिथियों का सत्कार, चाय-नाश्ता, उनके सम्मान व मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने, पौधरोपण कार्यक्रम व स्कूल की उपलब्धियों पर आधारित फ्लैक्स बोर्ड तैयार करके प्रदर्शनी लगाने में खर्च करना है। इससे स्कूल प्रबंधन इंतजामों को लेकर चिंता में हैं और इस राशि को आयोजन के हिसाब से नाकाफी भी बता रहे हैं।

समग्र शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी बजट और निर्देशों के अनुसार, इस बार स्कूलों में पिछले बोर्ड परीक्षा परिणाम की टॉपर छात्रा की ओर से ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके अलावा मेरा पहला स्वतंत्रता दिवस और बेटी और पर्यावरण समारोह की थीम रहेगी। मेरा पहला स्वतंत्रता दिवस थीम में अगस्त 2023 से अब तक गांव या वार्ड में जन्मी बेटियों व उनकी माताओं को मुख्यातिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।

जिन्हें आयोजन की प्रथम पंक्ति में बैठाया जाएगा। इसके अलावा बेटी और पर्यावरण के तहत टॉपर बेटियों को उनके अभिभावकों के साथ आमंत्रित किया जाएगा। इन बेटियों के नाम से स्कूल में पौधे लगाए जाएंगे। जिन्हें अन्य बच्चे संरक्षित करेंगे। इन दोनों थीम का मकसद, बेटियों की शिक्षा के प्रति सम्मान, ड्रॉप आउट दर कम करना और पर्यावरण संरक्षण बनाना मकसद है।

1200 रुपये में फ्लैक्स और 300 रुपये का स्मृति चिह्न

बाजार में फ्लैक्स का रेट 10 रुपये प्रति वर्ग फुट व लोहे के फ्रेम के साथ 35 रुपये प्रति वर्ग का रेट है। एक फ्लैक्स कंपनी के संचालक गगन सिंह के अनुसार, यदि 10 गुणा 12 वर्ग फुट का एक फ्लैक्स बोर्ड भी तैयार कराया जाए तो बिना फ्रेम के 1200 रुपये में बनेगा। इसके अलावा एक अतिथि को देने के लिए छोटा स्मृति चिन्ह भी 200 से 300 रुपये में और बच्चों को देने के लिए छोटा स्मृति चिन्ह भी 200 रुपये तक तैयार होगा। यदि बजट में से अपने स्तर पर लड्डू बांटें तो लड्डू का रेट भी 230 रुपये प्रति किलो है। ऐसे में 1000 रुपये में कार्यक्रम का आयोजन होना मुश्किल है।

समारोह में करने हैं ये इंतजाम

– ध्वजारोहण के लिए आवश्यक इंतजाम।

– मुख्यातिथि के लिए चाय की व्यवस्था

– अतिथियों को स्मृति चिन्ह होगा।

– पौधरोपण के लिए पौध खरीदी जाएंगी।

– मेधावी विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र या सम्मान चिह्न दिया जाएगा।

– विद्यालय परिसर में स्कूल की उपलब्धियों पर आधारित फ्लैक्स आदि तैयार करके प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

महंगाई में यह राशि कम

जारी निर्देशों के अनुसार ही आयोजन करें तो एक हजार रुपये में व्यवस्था होना संभव नहीं है। हालांकि बजट पिछली बार से बढ़ा है पर यह भी महंगाई के हिसाब से कम है। प्रदर्शनी लगाने पर ही 1500 से ज्यादा खर्च आ जाएगा। तो अन्य खर्च अपने स्तर पर करना मजबूरी है।

– कृष्ण कुमार निर्माण, कार्यकारिणी सदस्य, जिला अध्यापक संघ

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आयोजन करना जरूरी : एपीसी

स्कूलों को बजट गत सप्ताह जारी हो चुका है। पहले 500 रुपये प्रति स्कूल मिलते थे, इस बार राशि दोगुना हो गई है। लड्डू बांटने का जिक्र जारी पत्र में नहीं है, लेकिन स्कूल या पंचायत अपने स्तर पर बच्चों को मिठाई बांटते हैं। हर स्कूल में आयोजन करके रिपोर्ट भेजनी होगी।

– पवन, एपीसी, समग्र शिक्षा

स्कूल कर सकते हैं व्यवस्था : डीपीसी

बजट की राशि जारी हो चुकी है। यदि लड्डू नहीं बांट सकते तो स्कूल अपने स्तर पर मिड डे मील से खीर आदि बनाकर बच्चों को खिला सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस का पर्व हर स्कूल तब भी मनाता था, जब बजट नहीं आता था। व्यवस्था स्कूल अपने स्तर पर कर सकते हैं।

– उर्वशी विग, डीपीसी, समग्र शिक्षा

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