Karnal News: स्वच्छ सर्वेक्षण टूल किट जारी, अबकी बार 10 चरणों में 12500 अंकों की परीक्षा Latest Haryana News

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करनाल। केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय की ओर से स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की टूल किट जारी की गई है। जिसके अनुसार इस बार निगम की स्वच्छता परीक्षा 12500 अंकों की होगी। इसमें जमीनी स्तर के मूल्यांकन पर ज्यादा जोर दिया गया है, जिसमें नागरिकों की प्रतिक्रिया भी शामिल की गई है। इसके लिए 10500 अंक निर्धारित किए गए हैं। ओडीएफ, ओडीएफ प्लस, ओडीएफ प्लास प्लस के साथ वाटर प्लस के 1000 अंक और कचरा मुक्त शहर के भी 1000 अंक निर्धारित किए गए हैं।

जमीनी स्तर के मूल्यांकन व नागरिकों की प्रतिक्रिया के सबसे अधिक 10 हजार 500 अंक रखे गए हैं। इसके अंतर्गत 10 चरण शामिल किए गए हैं, जिनका सर्वेक्षण मंत्रालय की ओर से भेजी गई टीम द्वारा किया जाएगा। इन 10 चरणों के अलग-अलग अंक भी निर्धारित किए गए हैं। दूसरी ओर स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में प्रथम रैंक हासिल करने के लिए निगम आयुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने वीरवार को कैंप कार्यालय में एक सफाई शाखा, जिला नगर पालिकाओं के सचिव, तमाम जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण की टूल किट पर बातचीत कर शहर को स्वच्छ रखने की प्लानिंग बनाई। इसमें स्वच्छ शहर जोड़ी की सभी नगर पालिकाओं (इस्माईलाबाद, सीवन, राजोंद, नारनौल, कालांवाली) के प्रधान, सचिव व पालिका अभियंता वीडियो काफ्रेंस से जुड़े।

2000 अंक हासिल करने का लक्ष्य : निगम आयुक्त

निगमायुक्त ने कहा कि नगर निगम ने पहले गारबेज फ्री सिटी व वाटर प्लस जैसे विभिन्न पैरामीटर्स पर काम करते हुए इन दोनों उपलब्धियों को हासिल किया है। इस बार भी नगर निगम की टीम को दोनों बिंदुओं पर पूरे 2000 अंक हासिल करने का लक्ष्य मिला है। उन्होंने जिला की नगर पालिकाओं व स्वच्छ शहर जोड़ी की नगर पालिकाओं के अधिकारियों को भी उपरोक्त सभी बिंदुओं पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर कार्य की डॉक्यूमेंटेशन साथ-साथ तैयार की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वच्छ सर्वेक्षण से जुड़े प्रत्येक बिंदु पर काम किया जाए। छोटे-छोट बिंदुओं पर काम करके ही अच्छे अंक अर्जित किए जा सकते हैं।


इन 12500 अंकों का होगा स्वच्छ सर्वेक्षण-

चरण अंक

1. दृश्यमान स्वच्छता 1500

2. कचरा पृथक्करण, एकत्रीकरण व परिवहन 1000

3. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 1500

4. स्वच्छता तक पहुंच 1000

5. प्रयुक्त जल प्रबंधन 1000

6. गाद निकालने की सेवाओं का मशीनीकरण 500

7. स्वच्छता की वकालत 1500

8. पारिस्थितिकी तंत्र सुदृढ़ीकरण और संस्थागत मापदंड 1000

9. सफाई कर्मचारियों का समग्र कल्याण 500

10. नागरिक प्रतिक्रिया और शिकायत निवारण 1000

जनवरी माह में ये होगा काम

निगमायुक्त ने नगर निगम व पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनवरी माह में स्वच्छ वार्ड रैंकिंग, चित्रकला प्रतियोगिता, उत्कृष्ट सफाई मित्र सम्मान, सफाई मित्रों का प्रशिक्षण, जीरो वेस्ट कार्यक्रम तथा व्यवहार परिवर्तन को लेकर शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों की आईईसी करेंगे। नगर पालिका अधिकारियों को स्वच्छतम पोर्टल पर एमआईएस डाटा का पुन: निरीक्षण कर उसे दुरुस्त करेंगे। सोमवार को नगर पालिका कर्मचारियों को नगर निगम के सभागार में प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर की साफ-सफाई को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। स्वच्छ सिटी पोर्टल, ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम पोर्टल, सोशल ग्रिवेंस मीडिया ट्रैकर पोर्टल व ई-समाधान पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए। इन कार्यों में अगर कोई लापरवाही बरतते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध चार्जशीट दायर की जाएगी। इसलिए सभी गंभीरता पूर्वक कार्य करें।

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Karnal News: स्वच्छ सर्वेक्षण टूल किट जारी, अबकी बार 10 चरणों में 12500 अंकों की परीक्षा