Karnal News: सड़क पर बेहोश पड़ा था बेटा, सिर से निकल रहा था खून Latest Haryana News

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संवाद न्यूज एजेंसी

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करनाल। मैं तखाना पुल के नीचे चाय की रेहड़ी लगाता हूं। मेरा सबसे छोटा बेटा बंटी (22) मेरे साथ रेहड़ी पर काम कराता था। हमने वीरवार की रात करीब साढ़े आठ बजे चाय के खोखे को बंद किया तो बंटी बोला पापा मैं थोड़ा सैर करता हुआ घर आउंगा। आप घर जाओ।

मैंने अपने बेटे से कहा अब रात को कहां घूमेगा, चल घर जाकर खाना खाते हैं लेकिन बंटी बोला पापा मैं थोड़ी देर में आ जाउंगा। इसके बाद मैं घर की तरफ चल पड़ा। मैं घर पहुंचकर खाना खाने लगा तो गांव का एक व्यक्ति घर आया। उसने बताया कि बाबा रामचंद्र के डेरे के पास बंटी का एक्सीडेंट हो गया है। यह सुनते ही मैं खाना छोड़ा और बंटी के पास गया।

मैंने देखा कि बंटी बेहोशी की हालत में सड़क पर पड़ा है। उसके सिर के पीछे से खून बह रहा है। वह अपने बेटे को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में लेकर आया। यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और थोड़ी देर बाद बताया कि बंटी का खून अधिक बह गया है। अब वह इस दुनिया में नहीं रहा। यह दर्द गांव तखाना निवासी बंटी का पिता सलिंद्र ने बयां किए है। कैसे चंद मिनटों में उसका बेटा उससे दूर हो गया।

पिता ने बताया कि बंटी चाय के खोखे से पैदल घर की तरफ आ रहा था। जब वह बाबा रामचंद्र के डेरे के पास पहुंचा तो उनके सामने से एक तेज रफ्तार बाइक चालक आया और उसने उसके बेटे बंटी को सीधी टक्कर मार दी। इससे उसका बेटा बंटी उछलकर सड़क पर गिर गया।

बंटी का पीछे से सिर सड़क पर लगा और उसकी टांगों व माथे पर भी चोट लगी। सिर पर गहरी चोट और अधिक खून बहने से उसके बेटे की जान चली गई। बाइक पर दो व्यक्ति सवार थे। वह भी चोटिल हो गए। संवाद

पिता के काम में हाथ बंटवाता था बंटी

पिता सलिंद्र ने बताया कि उसका बड़ा बेटा शादीशुदा है। एक बेटी है और सबसे छोटा बेटा बंटी था। वैसे तो बंटी पल्लेदारी का काम करता था लेकिन अक्सर वह उसके साथ चाय के खोखे में आता था और उसके साथ काम में हाथ बंटवाता था। उसका बेटा बहुत ही मेहनती था। उसके लिए उसने अनेक सपने देखे थे। सभी सपने उसके जाने से खत्म हो गए।

रात को दो पहिया वाहन संभलकर चलाएं

बंटी के पिता सलिंद्र का कहना है कि दो पहिया वाहन चलाने वालों को संभलकर वाहन चलाने चाहिए। वह तेज रफ्तार में बाइक चलाते हैं और फिर उनसे वह वाहन कंट्रोल नहीं होता और दूसरे व्यक्ति को वह टक्कर मार देते हैं। इससे अपनी जान के साथ वह दूसरे भी जान भी खतरे में डाल देते हैं। वाहन चालकों को यातायात के नियमों को पालन करना चाहिए। उनकी छोटी की लापरवाही से किसी का घर उजड़ सकता है।

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