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जिला प्रशासन ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से जुड़े कलेक्टर रेट में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। प्रशासन की ओर से 66 पेजों की प्रस्तावित सूची तैयार की गई है इसमें जमीन के रेट में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है। पुराने शहर के व्यावसायिक इलाकों में 60 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है। आसपास के गांवों की कृषि योग्य भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक इजाफे का प्रस्ताव है। इससे आसपास के गांवों की जमीन शहर से भी महंगी हो सकती है।
प्रशासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तैयार की गई प्रस्तावित रेट की सार्वजनिक की गई सूची में पूरे जिले में 15 से लेकर 75 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। प्रस्तावित सूची के अनुसार जिले के कई गांवों में कृषि योग्य भूमि के रेट में 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इसमें कैलाश, गांगर, चुरनी, बलडी, मरगैन, शेखपुरा और संगोहा जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों में खेती योग्य जमीन के नए रेट लागू होने पर जमीन की खरीद-फरोख्त काफी महंगी हो जाएगी। कैलाश गांव में दो एकड़ से कम की भूमि के रेट में भी 75 प्रतिशत वृद्धि प्रस्तावित की गई है। श्रद्धानंद कॉलोनी कुंजपुरा में आवासीय कॉलोनी के रेट में भी 75 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है।
प्रशासन ने शहरी इलाकों में भी कलेक्टर रेट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। पुराने शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों में 60 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है, जिससे दुकानों और व्यापारिक संपत्तियों की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। सेक्टर-5 में 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। इसके अलावा कस्बा करनाल में पांच एकड़ से कम की कृषि योग्य भूमि के रेट में 60 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव है।
रजिस्ट्री पर बढ़ेगा सीधा असर
कलेक्टर रेट बढ़ने का सीधा असर संपत्ति की खरीद-फरोख्त पर पड़ेगा। रजिस्ट्री के समय स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस कलेक्टर रेट के आधार पर तय होती है। ऐसे में नए रेट लागू होने के बाद जमीन और प्रॉपर्टी खरीदना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा। रियल एस्टेट से जुड़े जानकारों का मानना है कि इससे बाजार में कुछ समय के लिए मंदी भी आ सकती है क्योंकि खरीदार बढ़ी हुई कीमतों के कारण निर्णय लेने में समय ले सकते हैं।
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Karnal News: शहर से महंगी हो जाएगी आसपास के गांवों की जमीन




